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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • हे सरकार! कुछ तो करो
    कविताएँ

    हे सरकार ! कुछ तो करो | Political kavita

    ByAdmin May 17, 2020November 15, 2021

       हे सरकार ! कुछ तो करो  ( Hey sarkar kuch to karo )   हे सरकार! कुछ तो करो क्यूँ छोड़ दिया मरने को सड़कों और पटरियों पर दर-दर की ठोकरें खाने को खाने को तरसने को। हे सरकार! कुछ तो करो क्या बीत रही है उन गर्भवती और नव माताओं पर सड़कों पर…

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  • हम मजबूर हैं
    कविताएँ

    हम मजबूर हैं | Mazdooron ki vyatha par kavita

    ByAdmin May 15, 2020November 13, 2021

     हम मजबूर हैं   ( Hum majboor hai )     साहब! हम मजदूर हैं इसीलिए तो मजबूर हैं सिर पर बोझा रख कर खाली पेट,पानी पीकर हजारों मील घर से दूर गोद में बच्चों को लेकर अनजान राहों पर चलने को।   बेबस हैं हम,लाचार हैं हम आए थे काम की तलाश में पर,इस #Lockdown में न…

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  • मुझे आज भी याद है
    कविताएँ

    मुझे आज भी याद है | Prem ras kavita

    ByAdmin May 14, 2020November 13, 2021

     मुझे आज भी याद है  ( Mujhe aaj bhi yaad hai )     मुझे आज भी याद है वो कमरा जहाँ…….. आखिरी बार मिले थे हम आज भी गवाह है, वो बिस्तर की चादर वो कम्बल……. जिसमें लिपटे थे हम एक दूसरे की बाहों में।   मुझे आज भी याद है वो कमरा जहां………..

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  • मदर्स डे
    कविताएँ

    मदर्स डे कविता | Mother’s day kavita

    ByAdmin May 10, 2020May 11, 2025

    मदर्स डे कविता ( Mother’s day kavita ) मां अपने बच्चों से रूठती ही कब है बच्चे भले ही रुठ जाएं पर, मां क्या कभी रूठती है? #मदर्स डे साहब!आजकल कौन मना रहे हैं? वहीं लोग मना रहे हैं जो अपने घर और माँ से दूर रहते हैं जो कई महीनों, सालों तक उनसे मिलते तक…

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  • मैं चाहता हूं बस तुमसे
    कविताएँ

    मैं चाहता हूं बस तुमसे | Prem kavita in Hindi

    ByAdmin May 9, 2020November 13, 2021

       मैं चाहता हूं बस तुमसे ( Main chahta hun bas tumse )   मैं चाहता हूं बस तुमसे थोड़ा सा प्यार थोड़ा-सा मन थोड़ा-सा सुकून थोड़ा-सा अहसास।   मैं तुमसे चाहता हूं बस थोड़ी-सी हँसी थोड़ी-सी खुशी थोड़ी-सी बातें थोड़ी-सी शान्ति।   मैं तुमसे चाहता हूं बस थोड़ा-सा दर्द थोड़ा-सी तकलीफ़ थोड़ी-सी बैचेनी थोड़ी-सी…

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  • रिश्ते- कुछ अनजान , कुछ अजनबी
    कहानियां

    रिश्ते- कुछ अनजान , कुछ अजनबी | Hindi short story

    ByAdmin April 27, 2020November 1, 2021

      रिश्ते- कुछ अनजान , कुछ अजनबी    ” आज काफी दिनों बाद उसने फोन किया… अरे! विदेशों में क्रिस्मस की तैयारी बहुत पहले से होने लगती है ना इसलिए…. टाइम ही नहीं रहा बेचारे को” 70 साल की अकेली रहने वाली दादी जो कि बहुत खुश थी उनके बेटे की फोन आने पर…. यूं…

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  • भूत बना गोलू का टीचर
    कहानियां

    भूत बना गोलू का टीचर | Bachon ki kahani

    ByAdmin April 24, 2020November 7, 2022

     भूत बना गोलू का टीचर  ( Bachon ki kahani )   एक गांव में एक गोलू नाम का लड़का रहता था उसके परिवार में कुल पांच सदस्य थे । उसकी मम्मी पापा, उसके दादाजी, गोलू और उसकी बड़ी बहन । गोलू की बड़ी बहन पढ़ने में बहुत होशियार थी इसलिए घर और स्कूल में हर…

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  • रॉंग नंबर
    कहानियां

    रॉंग नंबर | Hindi kahani

    ByAdmin April 20, 2020November 1, 2021

     रॉंग नंबर  ( Wrong number : Hindi short story )   जीवन मे कभी कभी ऐसा होता है जब कोई अनजान हमारे करीब आता है और हमारी जरूरत और बाद में कमजोरी बन जाता है । यकीनन उनमें से कुछ ज्यादा दूर तक हमारे साथ नही चल पाते लेकिन कई खट्टी मीठी यादें दे जाते…

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  • तुम्हे रुलाने आया हूँ
    कविताएँ

    तुम्हे रुलाने आया हूँ | Marmik kavita

    ByAdmin April 19, 2020November 1, 2021

     तुम्हे रुलाने आया हूँ  ( Tumhe rulane aya hun )   हंसने वालो सुनो जरा तुम तुम्हे रुलाने आया हूँ। अश्कों की बरसातों मे आज तुम्हे नहलाने आया हूँ।। जिसको सुनकर झुम उठो तुम ऐसा न संगीत मेरा। अन्तर्मन तक कांप उठेगा दर्द भरा सुन गीत मेरा।। न चाहिये कोई ताली मुझको न अभिनंदन चाहता…

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  • काश कि तुमने ये बताया होता
    कविताएँ

    काश कि तुमने ये बताया होता | Prem ras kavita

    ByAdmin April 17, 2020November 1, 2021

     काश कि तुमने ये बताया होता  ( Kash ki tumne ye bataya hota )   काश कि तुमने ये बताया होता कि मैं क्यों दूर होता जा रहा हूँ तुमसे न कोई गिला-शिकवा फिर भी बातों का सिलसिला शुरू नहीं एक दिन, दो दिन,पाँच दिन,बीस दिन आखिर कब तक? ये तो बताया होता । हौले-हौले…

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