मैं चाहता हूं बस तुमसे

मैं चाहता हूं बस तुमसे | Prem kavita in Hindi

 

 मैं चाहता हूं बस तुमसे

( Main chahta hun bas tumse )

 

मैं चाहता हूं बस तुमसे
थोड़ा सा प्यार
थोड़ा-सा मन
थोड़ा-सा सुकून
थोड़ा-सा अहसास।

 

मैं तुमसे चाहता हूं बस
थोड़ी-सी हँसी
थोड़ी-सी खुशी
थोड़ी-सी बातें
थोड़ी-सी शान्ति।

 

मैं तुमसे चाहता हूं बस
थोड़ा-सा दर्द
थोड़ा-सी तकलीफ़
थोड़ी-सी बैचेनी
थोड़ी-सी दिल्लगी।

 

 

लेखक :सन्दीप चौबारा
( फतेहाबाद)
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