• उनकी चाहत में | Unki Chahat Mein

    उनकी चाहत में ( Unki Chahat Mein ) इश्क़ में जब से वो कबीर हुएउनकी चाहत में हम सग़ीर हुए कोई तुम सा नहीं है जाने जाँइश्क़ में तुम तो यूँ नज़ीर हुए उठ के ताज़ीम अब वो करते हैंजिनकी नज़रों में हम हक़ीर हुए तिश्नगी मेरी बुझ न पाई कभीचाहे कितने ही आब गीर…

  • अब तो पत्थर का हो चुका हूं मैं

    अब तो पत्थर का हो चुका हूं मैं अपने हिस्से का रो चुका हूं मैं,अब तो पत्थर का हो चुका हूं मैं । बन गयी है लकीर गालों पर,इतनी पलकें भिगो चुका हूं मैं। देर से बात ये समझ आयी,तुमको पहले ही खो चुका हूं मैं। दम यक़ीनन निकल ही जायेगादिल में नश्तर चुभो चुका…

  • मुझे ये बात | Mujhe ye Baat

    मुझे ये बात ( Mujhe ye Baat ) मुझे ये बात लोगों ने कही हैगलत है तू मगर फिर भी सही है नयी है और मज़बूत भी परन जाने क्यों इमारत ढह रही है बिना तारीख़ वाली ज़िन्दगी कीकठिन मौखिक परीक्षा आज ही है कुशल तैराक बनकर आज यारोंग़ज़ल शब्दों के सागर में बही है…

  • मुझे बच्चा ही रहने दो

    मुझे बच्चा ही रहने दो क्या कोई मेरा दर्द जानेगामेरी पीड़ा को पहचानेगासबसे पहले तो आप सब को नमस्तेतीन साल की उमर से टंगे भारी बस्तेपापा और मम्मी के सपनो के वास्तेरोज परीक्षा और परिणाम की टेंशनपड़ोसी बच्चो के आगे निकल जाना होता मेंशनस्कूल और परिवार का फर्स्ट आने का दबाबकौन देगा मेरे बचपन का…

  • बच्चे | Bache

    बच्चे ( Bache ) नन्हें-मुन्ने प्यारे-प्यारे, होते सबके दुलारे,बच्चे ही हमारे घर, आँगन की शान हैं। भाषा वो दुलारी लगे, सबको है प्यारी लगे,बोलती जो तुतलाती, बच्चों की जुबान है। है आज का दिवस जो, कहाता बाल दिन है,चौदह है नवंबर, आज बाल गान है। कोई धैर्यवान होता, कोई वीरवान होता,सीधा सादा होता कोई, बहुत…

  • बचपन का प्यार

    बचपन का प्यार जब मैं 8 साल का था तब मुझे पहली बार प्यार हुआ।उसने मुझको मैंने उसको देखा आँखों से इकरार हुआ। बचपन में तब मैं कितना भोला कितना नादां था,इसे प्यार कहते हैं यह भी नहीं समझता था। मैं अपनी चॉकलेट उसको खाने को देता,उसकी झूठी पेस्ट्री भी बड़े शौक से लेता। उसकी…

  • तितली रानी | बाल कविता

    तितली रानी ( Titli Rani ) तितली रानी ज़रा बताओ,कौन देश से आती हो।रस पी कर फूलों का सारा,भला कहाँ छिप जाती हो। इधर उधर उड़ती रहती तुम,मन को बड़ा लुभाती हो।अपने सुन्दर पंखों पर तुम,लगता है इठलाती हो। सब फूलों पर बैठ बैठ कर,अपनी कला दिखाती हो।पास मगर आने में सबके,तुम थोड़ा सकुचाती हो।…

  • क्या खूब दिन थे!

    क्या खूब दिन थे! बड़ा मजा आता था बचपन में,खलिहान हमारा घर हो जाता,सुबह से लेकर रात तक,मस्ती ही मस्ती सुहाती! धान की सटकाई,पोरे की बँधाई,आटा सारे बँध जाने पर,पुआल का गाझा बनता! शाम पहर धान के गट्ठर पर,गोबर का पिण्ड रखा जाता,सांझ के दीपक से,मॉ अन्नपूर्णा को पूजा जाता! खलिहानों में दोपहर में,महिला मजदूरों…

  • तूफान उठाया है

    तूफान उठाया है इस दिल के समुंदर में तूफान उठाया हैमासूम निगाहों ने जब तीर चलाया है वो दिल के दरीचों से नज़दीक लगा इतनाइक पल में उसे हमने हमराज़ बनाया है ताउम्र रहे रौशन दहलीज़ तेरे घर कीयह दीप मुहब्बत का यूँ हमने जलाया है तुमने जो किया दिल को उम्मीद से वाबस्ताइक ताजमहल…

  • बच्चे देश का भविष्य

    बच्चे देश का भविष्य हे बच्चे मन के सच्चे सारी जग की आंखों के तारे बच्चे आने वाले कल का सुंदर भविष्य है बच्चे ही नव भारत का निर्माण करेंगे बच्चों को ना मंदिर मस्जिद में उलझाऐगे धर्मनिरपेक्षता का ज्ञान कराओ मिलजुलकर त्यौहार मनाए शिक्षा को आधार बनाकर नवनिर्माण कराएं यही तो अंबेडकर, गांधी ,अब्दुल…