• मंदाकिनी बहने लगे

    मंदाकिनी बहने लगे तार वीणा के छिड़े तो , बस एक स्वर कहने लगे ।छेड़ ऐसी रागिनी दो , मंदाकिनी बहने लगे । गूँजती हैं फिर निरंतर , वेद मंत्रों की ऋचाएं ।अग्नि कुंडों में कहाँ तक, प्यार की समिधा जलाएं ।हम अमा की पालकी में , पूर्णिमा कितनी बिठाएं ।क्यों अकेले ही विरह की…

  • वृक्ष हमारे तुम संरक्षक हो

    वृक्ष हमारे तुम संरक्षक हो वृक्ष हमारे तुम संरक्षक होहरे भरे हो खड़े हो सीना ताने।भव्य शस्यश्यामल है रूप तिसारा,लगते कोई हमारे शुभ चिंतक हो।घने घने हरे भरे पत्तों से सुशोभित,थलचर -नभचर को आश्रय देते-हो।शीतल छांव तुम्हारी देती आश्रय,हर प्राणी हर चर अचर को।सकल ब्रम्हांड में हो जय जयकार तुम्हारी,वृक्ष तुम मित्र हो, है तुम्हारी…

  • आंवला नवमी दिवस

    आंवला नवमी दिवस आंवले के वृक्ष की छांव में, सुख की अनुभूति पाए,हर शाख इसकी वंदना करें, आरोग्य का संदेश ये लाए। धरा का ये अनमोल वर, गुणकारी अमृत कहलाए,सर्दियों की पहली दस्तक में, नवमी पर्व मनाए। सौंदर्य और सेहत का, अनोखा संगम लाए,शारीरिक बल और आरोग्य का आशीर्वाद दिलाए। आंवले के रस का रसिक,…

  • चाय के घूंट | Chai ke Ghoont

    चाय के घूंट ( Chai ke ghoont ) चाय के गौरव का क्या कहना,नाम आते ही चेहरे पर शबाब आया।पिलाने वाले साकी की बातनही टाली जाती,करके तौबा इसे पीली जाती है।नीलगिरी की वादियों में हैं,चाय के बागान।सुहाना था इसकी आन‌ शान,रहें थे इक‌ दिन हम इस बाग के –आशियाने में।देखें सुबह की धुंध,बालकनी पर दो…

  • नई सुबह | Nayi Subah

    नई सुबह ( Nayi Subah ) रात की चादर में लिपटा एक सपना है,तेरी राह तकता ये मन बेचैन अपना है।हर बीते पल में तेरा ही ख्याल है,सुनो दिकु, बिना तुम्हारे ये जीवन जंजाल है। तुम बिन ये सवेरा भी अधूरा सा लगता है,उजालों में भी जैसे दिल में अंधेरा बसता है।तेरी हँसी की किरन…

  • माँगने लगे | Mangne Lage

    माँगने लगे ( Mangne lage ) जो देखे थे कभी, सभी वो ख़्वाब माँगने लगेवफ़ाओं का भी हाय, वो हिसाब माँगने लगे कली-कली को चूमते थे भौंरे शाख़-शाख़ पर,मगर जो देखे गुल तो फिर गुलाब मांगने लगे। भुलाके राह सच की, थे गुनाहों के जो देवतामुसीबतें पड़ी तो वो निसाब माँगने लगे चले वफ़ा की…

  • नारी की वेदनाएं

    नारी की वेदनाएं नारी को हि बोझ अपना समझ रहे हो क्यों ?गर्भ में हि कोख से उसे हटा रहे हो क्यों ? निर्जन पथ पर बचा न पाती अस्मत नारी,नोच रहे क्यों दानव बनकर नर बलात्कारी | दासी मानकर चाहते हैं गुल्लामी उसकी,कन्या को पूज कर चाहते हैं कृपा भी उसकी | अशिक्षित हि…

  • हिमायत में आ गये

    हिमायत में आ गये सारे अज़ीज़ उनकी हिमायत में आ गयेमजबूर होके हम भी सियासत में आ गये हाँलाकि ख़ौफ़ सबको सितमगर का था बहुतकुछ लोग फिर भी मेरी वकालत में आ गये इतने हसीन जाल बिछाये थे आपनेहम ख़ुद शिकार होके हिरासत में आ गये सोचा नहीं नशे में हुकूमत के आपनेअहबाब इतने कैसे…

  • उर्दू | Urdu

    उर्दू ( Urdu ) मुल्को-मिल्लत की शान है उर्दू।चाशनी सी ज़ुबान है उर्दू। इ़श्क़ की तर्जुमान है उर्दू।मीरो-ग़ालिब की जान है उर्दू। पढ़ के तारीख़ देखिए तो सही।फ़ख़्रे-हिन्दोस्तान है उर्दू। अपनी तहज़ीब और तमद्दुन की।हर घड़ी पासबान है उर्दू। ख़त्म होगी न जो क़यामत तक।वो अजब दास्तान है उर्दू। इस में ढलते हैं लफ़्ज़ उल्फ़त…

  • दुश्मनों पे वार कर लूँ

    दुश्मनों पे वार कर लूँ आज खुल कर दुश्मनों पे वार कर लूँउनकी ख़ातिर ख़ुद को मैं अख़बार कर लूँ रफ़्ता-रफ़्ता मैं तुम्हीं से प्यार कर लूँजब तलक साँसे हैं मैं इकरार कर लूँ प्यार कर लूँ कुछ मैं अब तक़रार कर लूँउल्फ़तों से ज़ीस्त ये गुलज़ार कर लूँ वो दवा देंगे यक़ीनन आ के…