• पढ़ाया गया मुझे

    पढ़ाया गया मुझे पहले तो सच का पाठ पढ़ाया गया मुझेफिर झूठ का वकील बनाया गया मुझेहुस्ने मतला–कल बदनुमा सा दाग़ बताया गया मुझेजब वक़्त आ पड़ा तो बुलाया गया मुझे मज़हब के नाम मरना भी कार-ए-सबाब हैसूली पे इतना कह के चढ़ाया गया मुझे मुद्दत से इक उजाले की जिनको तलाश थीसूरज बता के…

  • वो रोज दुनिया की चौखट पे बिकता है !

    वो रोज दुनिया की चौखट पे बिकता है ! न हिन्दू दिखता है न मुस्लिम दिखता हैवो जो रोटी के लिये लड़ता हुआ आदमी हैवो रोज दुनिया की चौखट पे बिकता है ! अपने काम से अपने राम सेनिशदिन पड़ता है जिसका वास्ताअपनी रोजी से अपने रोज़े सेअलहदा नहीं है जिसका रास्ताउसकी आदत कोउसकी चाहत…

  • तेरा इक दिवाना हूँ

    तेरा इक दिवाना हूँ तेरा इक दिवाना हूँ क़ाफ़िर नहीं हूँअसल में जो मैं हूँ वो जाहिर नहीं हूँ जुबाँ हूँ अदा-ए-फिजा हूँ फ़ना हूँयक़ीनन मैं जो हूँ क्यों आखिर नहीं हूँ जहाँ तक तिरा साथ मुझको चलूँगायुँ कुछ वक्त का मैं मुसाफ़िर नहीं हूँ लिखूँगा मैं लिखता नया ही रहूँगाथकूँ राह में ऐसा शाइर…

  • छठ पूजा महापर्व

    छठ पूजा महापर्व आया पर्वो का पर्व महापर्व,छठी मैया की पूजा का पर्व।दशहरा दिवाली के बाद ,छठी पूजा है हमारा गर्व।। लोकगीतों से शुरू होता है,परंपराओं से जुड़ा हुआ है।है त्यौहार यह अलौकिक,मान्यताओं से घिरा हुआ है।। बड़ा अनोखा है इसका इतिहास,छठी पर्व की जिन्होंने किया शुरुआत।मंगल कार्य है यह पूजा,विशेष महत्व है इसे प्राप्त।।…

  • जय छठी माँ

    जय छठी माँ कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष में, आता पर्व महान,सब हैं करते तेरा ध्यान, मैया तूँ है दयानिधान. चार दिवस का पर्व अनोखा, युगों से चलती आई,सीता मैया, कर्ण और पांडव, साथ में कुंती माई. भक्ति भाव उमड़ पड़ता है, करते सब गुणगान,सब हैं करते तेरा ध्यान, मैया तूँ है दयानिधान. प्यारी बहना…

  • हे सूरज देवा | छठलोकगीत

    हे सूरज देवा पानी के पियासल तिरिया,जोहत बाटिन बांट हो,हे सूरज देवा,जल्दी जल्दी आवा हमरे घाट हो,हे सूरज देवा –2 रहम करा तीन दिन से,बाटी हम भूखल पियासल,बदरी में जाके काहे,करत हौआ लुकाछिपल,अब ना सतावा जल्दी हेन्हें आवा हो,हे सूरज देवा।जल्दी जल्दी आवा हमरे घाट होहे सूरज देवा—2। अबकी बरस हम कईले बानी छठ पूजा,बनउले…

  • किसी को भूलना | Kisi ko Bhulna

    किसी को भूलना ( Kisi ko bhulna ) कभी कभी की ज़रूरत को अहमियत न कहेंकिसी को भूलना तो जुर्म है सिफ़त न कहें कहेंगे ठीक तो ख़स्ता समझ ले कैसे कोईगुज़र है हश्र के जैसा तो ख़ैरियत न कहें अधूरा रब्त है सूखा हुआ ये फूल जनाबबड़ा सहेज के रक्खे हैं ख़्वाब, ख़त न…

  • अदाएं तुम्हारी | Adayein Tumhari

    अदाएं तुम्हारी ( Adayein Tumhari ) लुभाती हैं दिल को अदाएं तुम्हारी।रुलाती हैं लेकिन दग़ाएं तुम्हारी। गुमां पारसाई का होता है इनमें।निराली हैं दिलबर ख़ताएं तुम्हारी। किए इस क़दर हमपे अह़सान तुमने।भुलाएंगे कैसे वफ़ाएं तुम्हारी। बजाए शिफ़ा के बढ़ाती हैं ईज़ा।पिएं किस तरह़ हम दवाएं तुम्हारी। मुह़ब्बत से कानों में कहते थे जो तुम।वो बातें…

  • धर्म कर्म में हो बदलाव

    धर्म कर्म में हो बदलाव धर्म , संस्कृति की सरल धारा में ,कर्म की क्षमता को भूल गए हैं । कुरीतियां , जहरीली हवा बहाकर ,कैसे सबको मानव धर्म में वापस लाएं । आंखों को बंद कर मन की ग्रंथि चोक हुई,आलोचक भी हथियार डाल चुके हैं । शुद्ध विचारों की गंभीरता पर हास्य आया…

  • प्यार करने की ज़माने से इजाज़त ली है

    प्यार करने की ज़माने से इजाज़त ली है प्यार करने की ज़माने से इजाज़त ली हैहमने ख़ुद मोल बिना बात ही आफ़त ली है है मुनासिब कहाँ हर रोज़ बहाना आँसूहमने कुछ दिन के लिए ग़म से रिआयत ली है मुफ़लिसों का नहीं कोई भी सगा दुनिया मेंसारी दुनिया ने ग़रीबों से अदावत ली है…