Poem Hindi bhasha
Poem Hindi bhasha

हिंदी भाषा

( Hindi bhasha )

 

हिंदी वह भाषा जिसमें हंसते गाते तुम l
हिंदी वह भाषा जिसमें सहज सुगमता पाते तुमl
हिंदी वह भाषा जिसमें सुख समृद्धि पाते तुमl
हिंदी वह भाषा है जिसमें संतों गुरुओं का आशीष पाते तुमl
हिंदी भाषा से जुड़कर ज्ञान विज्ञान पाते तुम l
हिंदी वह भाषा है जो दिलों पर राज करती हैl
अखंड भारत का यह सपने संजोया करती हैl
एकता और अखंडता का पाठ पढ़ाती है हिंदी
प्रेमचंद और निराला से संरक्षित हुई है हिंदी l
वेदव्यास तुलसी के कारण विश्व पटल पर छाई हिंदी
उपसर्ग प्रत्यय अलंकार से सुशोभित है हिंदीl
तद्भव तत्सम और समास से अलंकृत है हिंदी l
हिंदुस्तान वासियों के दिल में बसती है हिंदी l
गंगा यमुना कावेरी सी निर्झर निर्मल है हिंदी l
हमारा मान, सम्मान ,अभिमान है हिंदी l
सुंदर सरल सहज अभिव्यक्ति का माध्यम है हिंदीl
भारत वासियो की पहचान है हिंदी
हिंदी जैसे माथे की बिंदी विचारों की अभिव्यक्ति है l
संस्कार संस्कृति की जननी हैं हिंदी l
वात्सल्य प्रेम ममत्त्व से भरी हुई है l
हिंदी l
संपूर्ण अखंड भारत की आत्मा है हिंदी l
भाषा नहीं है हम सब की भावना है हिंदी l

❣️

डॉ प्रीति सुरेंद्र सिंह परमार
टीकमगढ़ ( मध्य प्रदेश )

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