मैं भारतीय हूं | Poem Main Bharatiya Hoon

मैं भारतीय हूं

( Main Bharatiya Hoon )

 

 

मैं भारतीय हूं सभी धर्मों का सदा आदर करता हूं।
संस्कृति उपासक हूं शुभ कर्मों से झोली भरता हूं।

 

शौर्य पराक्रम स्वाभिमानी रगों से गहरा नाता है।
रणभूमि में जोहर दिखलाना शमशीरों से आता है।

 

अतिथि आदर करना पावन परिपाटी वतन की।
उस माटी का तिलक करता शौर्य वीर रतन की।

 

पलकों पर बिठाकर रखते राष्ट्रप्रेम दीवानों को।
मातृभूमि का वंदन करते आजादी के परवानों को।

 

सदा लुटाते प्यार के मोती सेवा सदाचार कर।
हंसी खुशी पर्व मनाते घट घट में सद्भाव भर।

 

बुजुर्गों का आदर करते हम बड़ों का सम्मान भी।
संस्कार वैभव दिए हमको अनुभवों का ज्ञान भी।

   ?

कवि : रमाकांत सोनी

नवलगढ़ जिला झुंझुनू

( राजस्थान )

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