Poem on independence day in Hindi

चलो आज आजादी को हम घर ले आए | Poem on independence day in Hindi

चलो आज आजादी को हम घर ले आए

( Chalo aaj azadi ko hum ghar le aaye )

 

चलो आज आजादी को हम घर ले आयें !!
उसको भावों के चन्दन अक्षत से पूजें
स्नेहों के पुष्प माल पहनाएँ !!
चलो आज आजादी को हम घर ले आयें !!

गत सात दशक से आजादी घर से बाहर
रहती संसद में, स्कूलों में कालेजों में
सरकारी भवनों के लम्बे गलियारों में
ध्वज आरोहण भाषण की मीनारों में
केवल सिद्धान्तों आदर्शों के आडम्बर
गूँजा करते स्पीकर में बन कर के स्वर
रहने दें अंग्रेजों की कलुषित गाथाएँ !!
चलो आज आजादी को हम घर ले आयें !!१

पन्द्रह अगस्त क्यों सीमित लाल किले तक हो
छब्बीस जनवरी रहे सिर्फ रजधानी की
यह ठीक नहीं हम मौन इसे देखें बैठे
हम चलो तिरंगे को ले जायें अपने घर
हर महल मकान झोपड़ी इसको अपनाएँ
अपने स्वत्वों के बदले खुशियाँ ले आयें
रेवड़ियाँ घर घर स्नेहों की दे आयें !!
चलो आज आजादी को हम घर ले आयें !!२

कब और दूसरे पहल करें यह राह देख
हम आजादी का अपना पन हैं भूल गये
सरकारी मिष्ठान्नों को तो खा लेते हम
पर अपने घर में पर्व मनाना भूल गये
है ईद दिवाली और बड़े दिन ये दो दिन
क्यों रहें हमारे घर ये पर्व मनाए बिन
अब क्यों ना ये परिवार पर्व बन मन पायें !!
चलो आज आजादी को हम घर ले आयें !!३

गान्धी,सुभाष,आजाद,भगतसिंह,बिस्मिलकी
उन आँखों में जो था आजादी का सपना
हम इतने बरस चले हैं उसको सच करने
पर अब तक भी वह नहीं हो सका है अपना
कितने अब भी आजादी से वंचित जन हैं
जो भारत माँ के बेटे अभी अकिंचन हैं
उनके घर में भी आजादी पहुचा पायें !!
चलो आज आजादी को हम घर ले आयें !!४

गणतंत्र दिवस पर प्रजातंत्र की बातें बस
पन्द्रह अगस्त को स्वतंत्रता के व्याख्यान
बस इन दोनों दिन राष्ट्र गीत गाया जाता
क्या और कभी भी करते हैं हम उसका गान
“जन-गण-मन” और “वन्दे-मातरम” गीतों में
स्वर एक करें हम साॅंसों के संगीतों में
हर जनमन उसमें चलो तिरोहित कर पाऍं !!
चलो आज आजादी को हम घर ले आयें !!५

जितने भी मन्दिर मस्जिद या हैं गुरुद्वारे
हैं सब इस भारत माँ की आँखों के तारे
आओ जगमग कर दें इन सब में उजियारे
करदें गद्दारों के सारे घर अन्धियारे
हो भूख गरीबी बदहाली या मौत मगर
है स्वर्ग हमारे भारत की ही धरती पर
इस सचसे हम सारा”आकाश” गुंजापायें !!
चलो आज आजादी को हम घर ले आयें !!६

 

?

Manohar Chube

कवि : मनोहर चौबे “आकाश”

19 / A पावन भूमि ,
शक्ति नगर , जबलपुर .

482 001

( मध्य प्रदेश )

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