Pranay ke Abhilash Mein

प्रणय के अभिलाष में | Pranay ke Abhilash Mein

प्रणय के अभिलाष में

( Pranay ke abhilash mein ) 

 

अलौकिकता अथाह दर्शन,
उरस्थ पुनीत कामनाएं ।
आशा उमंग उल्लास प्रवाह,
चितवन मृदु विमल भावनाएं ।
प्रति आहट माधुर्य स्वर,
जीवन प्रभा सम कनक
प्रणय के अभिलाष में,हर कदम चमक दमक ।।

हर पल प्रियेसी संग,
मिलन हेतु सौम्य तत्पर ।
मुस्कान वसित भव्य छवि,
अनंत अंध विश्वास परस्पर ।
चाल ढाल परिधान अनूप,
मोहक हृदय स्वरिका खनक ।
प्रणय के अभिलाष में,हर कदम चमक दमक ।।

परिवेश बयार आनंदिका,
नैसर्गिक दृश्य मनमोहक ।
संसर्ग विचार पीठिका,
सृजन सृष्टि सदैव रोहक ।
अंतर बिंदु कमनीय स्पर्श,
हाव भाव सौरभ जनक।
प्रणय के अभिलाष में,हर कदम चमक दमक ।।

सप्त जन्म सहगम अनुबंध,
रग रग दैविक आभा व्याप्त ।
आह्लाद जीवन सुपर्याय भाषा,
सर्वत्र खुशियां विलुप्त संताप ।
राधा कृष्णमय अतरंग तरंग,
विभूति व्यवहार चिंतन सनक ।
प्रणय के अभिलाष में,हर कदम चमक दमक ।।

 

महेन्द्र कुमार

नवलगढ़ (राजस्थान)

यह भी पढ़ें:-

उर्मि की अठखेलियां | Urmi ki Athkheliya

Similar Posts

  • रुग्ण जीवन | Poem rugn jeevan

    रुग्ण जीवन ( Rugn Jeevan )   इस रूग्ण जीवन का मेरे विस्तार है, हर शक्स ही मेरा यहाँ उस्ताद है।   समझो अगर तो वाह ना तो आह है, अब जिन्दगी से जंग ही किताब है॥   जो कागजो पे ना लिखा वो बात हैं, शिक्षा बिना भी क्या कोई इन्सान है।   कर…

  • उर्मि की अठखेलियां | Urmi ki Athkheliya

    उर्मि की अठखेलियां ( Urmi ki athkheliya )    उर्मि की अठखेलियों में, अनूप प्रेरणा संदेश उठकर गिरना गिर कर उठना अथक उत्तम प्रयास जारी । उत्सर्ग पथ विचलन बाधा, साहस सिंचन मन क्यारी। शीर्षता परिणय चाहना सदा, लक्ष्य बिंब अंतर भावेश । उर्मि की अठखेलियों में,अनूप प्रेरणा संदेश ।। निष्काम योग सागर ह्रदय, सृजन…

  • होकर उल्लू पर सवार

    होकर उल्लू पर सवार होकर उल्लू पर सवार ,चली लक्ष्मी हर घर-द्वार। यश, धन की करने बरसात,अनिल मंद स्वर गाए मल्हार । सोने का रथ,रजत पालकी,रथ पर हुए कुबेर सवार । ऋद्धि-सिद्धि व बुद्धि प्रदाता ,संग गणेश हैं , दीप आधार। मन भावन प्रिय लगे सुरुचिकर,दीपावली, धनतेरस त्यौहार। जीवन में शुभ-लाभ है छाया ,दीप जले…

  • सावन महीना | Sawan Mahina par Kavita

    सावन महीना ( Sawan Mahina )    सावन महीना अति विशेष प्रेम ,साधना , पूजा का अशेष ( संपूर्ण ) भक्त करते भक्ति भगवन की निरंतर होता जल अभिषेक।। अनोखी घटा निराली देखो सावन की खुशहाली देखो बदरिया पहने बूंदों के हार अंबर से बरसे प्रेम की फुहार।। रिमझिम रिमझिम सावन माह में कांवरिया जल…

  • मेरा भाई है वो | Mera Bhai Hai Wo

    मेरा भाई है वो ( Mera Bhai Hai Wo )   क्या कहूं, किसे कहूं, कौन है वो, मेरी जिंदगी की सबसे बड़ी उपलब्धि है वो, ना शिकायतें उसे मुझसे, ना शिकवा करे वो, मेरी हर बात बिन कहे ही समझ जाता वो, कब, कहां,कैसे पता नहीं, पर मेरे जीवन का सबसे अहम हिस्सा है…

  • सफेदी का दर्द | Safedi ka Dard

    सफेदी का दर्द ( Safedi ka dard )    मैंने तो मांगी थी खुशियां मुफ्त की वह भी तेरी दौलत के तले दब गई दौड़ तो सकती थी जिंदगी अपनी भी पर, वह भी अपनों के बीच ही उलझ गई. लगाए थे फूल, सींचे थे बड़े चाव से खिलकर भी महके पर बिक गए भाव…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *