राम नाम है हर जगह | Ram Naam hai Har Jagah

राम नाम है हर जगह

{ प्रभु श्रीराम की स्तुति में बाईस दोहे }

 

राम नाम है हर जगह, राम जाप चहुंओर।
चाहे जाकर देख लो, नभ तल के हर छोर।।
*1
नगर अयोध्या, हर जगह, त्रेता की झंकार।
राम राज्य का ख्वाब जो, आज हुआ साकार।।
*2
रखो लाज संसार की, आओ मेरे राम।
मिटे शोक मद मोह सब, जगत बने सुखधाम।।
*3
मानव के अधिकार सब, होने लगे बहाल।
राम राज्य के दौर में, रहते सभी निहाल।।
*4
रामराज्य की कल्पना, होगी तब साकार।
धर्म, कर्म, सच, श्रम बने, उन्नति के आधार।।
*5
राम नाम के जाप से, मिटते सारे पाप।
राम नाम ही सत्य है, सौरभ समझो आप।।
*6
मद में डूबे जो कभी, भूले अपने राम।
रावण-सा होता सदा, उनका है अंजाम।।
*7
राम भक्त की धार हैं, राम जगत आधार।
राम नाम से ही सदा, होती जय जयकार।।
*8
जगह-जगह पर इस धरा, है दर्शनीय धाम।
बसे सभी में एक से, है अपने श्री राम।।
*9
राम सदा से सत्व है, राम समय का तत्व।
राम आदि है अन्त हैं, राम सकल समत्व।।
*10
राम-राम सबसे रखो, यदि चाहो आराम
पड़ जायेगा कब पता, सौरभ किससे काम।।
*11
राम नाम से मैं करूँ, मित्रों तुम्हे प्रणाम।
जीवन खुशमय आपका, सदा करे श्रीराम।।
*12
राम-राम मुख बोल है, संकटमोचन नाम।
ध्यान धरे जो राम का, बनते बिगड़े काम।।
*13
रोम-रोम में है बसे, सौरभ मेरे राम।
भजती रहती है सदा,जिह्वा आठों याम।।
*14
उसका ये संसार है, और यहाँ है कौन।
राम करे सो ठीक है, सौरभ साधे मौन।।
*15
हर क्षण सुमिरे राम को, हों दर्शन अविराम।
राम नाम सुखमूल है, सकल लोक अभिराम।।
*16
जात-पात मन की कलह, सच्चा है विश्वास।
राम नाम सौरभ भजें, पंडित और’ रैदास।।
*17
सहकर पीड़ा आदमी, हो जाता है धाम ।
राम गए वनवास को, लौटे तो श्रीराम ।।
*18
बन जाते हैं शाह वो, जिनको चाहे राम ।
बैठ तमाशा देखते, बड़े-बड़े जो नाम ।।
*19
जपते ऐसे मंत्र वो, रोज सुबह औ’ शाम ।
कीच-गंद मन में भरी, और जुबाँ पे राम ।।
*20
राम राज के नाम पर, कैसे हुए सुधार ।
घर-घर दुःशासन खड़े, रावण है हर द्वार ।।
*21
हारे रावण अहम तब, मन हो जय श्री राम।
धीर-वीर गम्भीर को, करे दुनिया प्रणाम।।
*22

 

डॉo सत्यवान सौरभ

कवि,स्वतंत्र पत्रकार एवं स्तंभकार, आकाशवाणी एवं टीवी पेनालिस्ट,
333, परी वाटिका, कौशल्या भवन, बड़वा (सिवानी) भिवानी,
हरियाणा

यह भी पढ़ें :-

हिंदी हृदय गान है | Hindi Hriday Gaan Hai

Similar Posts

  • निवातिया के दोहे | Nivatiya ke Dohe

    राखी का त्यौहार चरणों अपने राखिये, मूरख हमको जान । प्रथम राखी आपको, परम पिता भगवान ।। रेशम की डोरी लिए, कुमकुम रोली साथ । रक्षा वचन में बांधती, बहना राखी हाथ ।। राखी सबको बांधिये, गैर सखा हो कोय । जनक, तनय या तात सम, रिश्ता जोई होय ।। राखी के त्यौहार में, रखना…

  • ऊँ जय माँ शारदे!

    ऊँ जय माँ शारदे! 1माँ दुर्गा ममतामयी, अद्भुत है श्रृंगार।दुर्गा दुर्गविनाशिनी, भक्त करें जयकार।। 2माँ मेरी विनती सुनें, हरेन सकल संताप।वरद हस्त धर शीश पर, हृदय विराजें आप।। 3दुर्गा दुर्गति दूर कर, सुगम बनातीं राह।रोगनाशिनी तारिणी, करतीं पूरी चाह।। 4पापमोचनी कालिका, मंगलमय हैं काम।दुर्गम की संहारिणी, तब से दुर्गा नाम।। 5घट- घट वासी मातु से,…

  • दो दोहे | Aazam ke Dohe

    दो दोहे ( Do dohe )   रख दिल में  तू अहिंसा, दुश्मन से मत हार ॥ लड़ दुश्मन से  तू सदा, बनकर बिन तलवार ॥   छोड़ो नफ़रत फ़ूल बन , कर मत बातें खार ॥ कर ले सबसे दोस्त तू, दिल से अपने प्यार॥ शायर: आज़म नैय्यर (सहारनपुर ) यह भी पढ़ें : –…

  • गुरू महिमा | Guru Mahima

    गुरू महिमा ( Guru Mahima ) ( 2 ) गुरू का रख लो मान गुरू जीवन में देते हैं सुप्त गुणों को मान गुरू हीं जानतें हैं हमारी विदया और बल बुद्धी का देते हैं हमें आशिर्वाद महान गुरू बिन नहीं जीवन का उद्धार गुरू की वाणी हैं गीता और रामायण वेद पुराण गुरू हैं…

  • आज के हालात पर कुछ दोहे | R K Rastogi Ke Dohe

    आज के हालात पर कुछ दोहे ( Aaj ke halat par kuch dohe )    भरोसा मत ना कीजिए,कुल की समझो लाज। पैंतीस टुकड़ों में कटा,श्रद्धा का बटा विश्वास।। भरोसा किसी पर न करे,सब पर आंखे मीच। स्वर्ण मृग के भेष में,आ सकता है मारीच।।   मां बाप के हृदय से,गर निकलेगी आह। कभी सफल…

  • प्रभु श्रीराम पर दोहे | Prabhu Shri Ram Par Dohe

    प्रभु श्रीराम पर दोहे ( Prabhu Shri Ram Par Dohe )   कल्प-कल्प अवतार ले,किए विविध प्रभु कर्म। नित प्रति लीला गान से,रघुवर निभता धर्म।।1 रघुवर लीला गान सुन,कवि रचता नव काव्य। श्रेय मिला जग में उसे,हुआ सहज संभाव्य।।2 युगों-युगों होता रहा,पाप पुण्य का खेल। लेखा जोखा की नियति, राम कराएँ मेल।।3 छोड़ द्वंद्व मन…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *