दो दोहे | Aazam ke Dohe
दो दोहे
( Do dohe )
रख दिल में तू अहिंसा,
दुश्मन से मत हार ॥
लड़ दुश्मन से तू सदा,
बनकर बिन तलवार ॥

( Do dohe )
शायर: आज़म नैय्यर
स्वाध्याय ( Svadhyaya ) स्वाध्याय जो नित्य करें, मनन करें सुविचार। चित उज्जवल पावन बने, बहे नेह रसधार। उर उजियारा हो सखे, जगे ज्ञान यशदीप। महके चमन जीवन का, मधुर बजे संगीत। पठन अरू पाठन करे, मनन करे दिन-रात। बुध्दिबल यश वैभव बढ़े, मिले सुधीजन साथ। रचनाकार : रमाकांत सोनी सुदर्शन नवलगढ़ जिला झुंझुनू ( राजस्थान…

महेन्द्र सिंह प्रखर के दोहे ( 39 ) पीर छुपाकर जो हँसें , दें जीवन को दान । औरत ही क्यूँ मान तू , आदि शक्ति भी जान ।। प्रीत जताती हूँ सखी , करती हूँ मनुहार । गात सजानें को नहीं , करती हूँ शृंगार ।। आँसू ही हथियार है , कहते क्यों हो…

गुलिया के दोहे ( Gulia ke Dohe ) ( 2 ) कभी-कभी ये सोचकर, आता है आवेश। मिला कहाँ बलिदान को, वो सपनों का देश।। लोकतंत्र को हो गया, जाने कैसा मर्ज़। बात करें अधिकार की, लोग भूलकर फर्ज़।। अब लोगों के बीच से, गायब हुआ यकीन। साँच – झूठ का फैसला, करने लगी मशीन।।…

वायदों का झांसा ( Waydon ka jhansa ) वायदों का झांसा देते नेता जुमले बाज़! जान चुकी जनता इन्हें पोल खुली है आज!! देंगे सबको कहता था पंद्रह पंद्रह लाख! सिंहासन पर बैठ गया चुरा रहा अब आंख!! सत्ता में गुंडे -मवाली बैठे नेताओं संग! भ्रष्ट्रचारी ही लड़ रहे भ्रष्ट्रचार की जंग!! मंदिर -मस्जिद…

राम नाम है हर जगह { प्रभु श्रीराम की स्तुति में बाईस दोहे } राम नाम है हर जगह, राम जाप चहुंओर। चाहे जाकर देख लो, नभ तल के हर छोर।। *1 नगर अयोध्या, हर जगह, त्रेता की झंकार। राम राज्य का ख्वाब जो, आज हुआ साकार।। *2 रखो लाज संसार की, आओ मेरे…

कलियुग का दोहा ( Kalyug ka Doha ) फूल रोपिए शूल पाईए झूठ बोलिए सुख रहिए जान लीजिए माल पाइए भला कीजिए बुरा झेलिये पानी मिलायिये रबड़ी खाइये फ़रेब कीजिए कुबेर अरजिए आंचल फैलायिये अस्मिता गंवायिये ठगते रहिए दनदनाते रहिए महल ठोकिए रहम भूलिए दूसरो खाइये आपन बिसारिये देह दिखाईए द्रव्य दर्शाईये शेखर कुमार…
