दो दोहे | Aazam ke Dohe
दो दोहे
( Do dohe )
रख दिल में तू अहिंसा,
दुश्मन से मत हार ॥
लड़ दुश्मन से तू सदा,
बनकर बिन तलवार ॥

( Do dohe )
शायर: आज़म नैय्यर
डॉ. सत्यवान सौरभ के पच्चास चर्चित दोहे आज तुम्हारे ढोल से, गूँज रहा आकाश। बदलेगी सरकार कल, होगा पर्दाफाश।। छुपकर बैठे भेड़िये, लगा रहे हैं दाँव। बच पाए कैसे सखी, अब भेड़ों का गाँव।। नफरत के इस दौर में, कैसे पनपे प्यार। ज्ञानी-पंडित-मौलवी, करते जब तकरार।। नई सदी ने खो दिए, जीवन के विन्यास।…

राम नाम है हर जगह { प्रभु श्रीराम की स्तुति में बाईस दोहे } राम नाम है हर जगह, राम जाप चहुंओर। चाहे जाकर देख लो, नभ तल के हर छोर।। *1 नगर अयोध्या, हर जगह, त्रेता की झंकार। राम राज्य का ख्वाब जो, आज हुआ साकार।। *2 रखो लाज संसार की, आओ मेरे…

कलियुग का दोहा ( Kalyug ka Doha ) फूल रोपिए शूल पाईए झूठ बोलिए सुख रहिए जान लीजिए माल पाइए भला कीजिए बुरा झेलिये पानी मिलायिये रबड़ी खाइये फ़रेब कीजिए कुबेर अरजिए आंचल फैलायिये अस्मिता गंवायिये ठगते रहिए दनदनाते रहिए महल ठोकिए रहम भूलिए दूसरो खाइये आपन बिसारिये देह दिखाईए द्रव्य दर्शाईये शेखर कुमार…

नववर्ष दोहे अभिनंदन सबके लिए, लाए ये नववर्ष।हर तबका फूले फले, पहुँचे नव उत्कर्ष।। आशा है नववर्ष में, किस्मत हो रंगीन।प्रेम बढ़े परिवार में, मिटे दु:ख संगीन।। नये साल में कीजिए, नया-नया कुछ काम।छोंड़ के गंदी आदतें, पहुँचो सच्चे धाम।। सदा सत्य अपनाइए, रहो झूँठ से दूर।मिले सफलता आपको, नहीं रहो मगरूर।। रखो स्वच्छ तन-मन…

साग़र के दोहे 1.सर्दी के आवेग से ,निकली सबकी हाय ।ऐसे में सब ने कहा ,हो जाये अब चाय ।।2.सर्दी में सूझा यही ,सबको एक उपाय।गरम गरम पिलवाइये ,साहब हमको चाय।।3.ठन्डा ,वन्डा रख दिया ,सबने आज उठाय ।सबके मन को भा रही , गरम गरम ही चाय ।।4.सर्दी में क्या पूछना , क्या है किस…

हिन्दी दिवस पर पाँच दोहे ( Hindi Diwas Par 5 Dohe ) हिन्दी मिश्री की डली, सरगम की झंकार।हिन्दी तो मनमोहिनी, अनुरागी संसार।। हिन्दी भाषा में सभी, कला ज्ञान-विज्ञान।सबसे पहले हम करें, इस भाषा का मान।। देवनागरी लिपि अथक, अनुपम अनश अनन्य।हिन्दी के उपकार से, कौन नहीं है धन्य।। दिशा-दिशा में हो रहा, हिन्दी का…
