Saath Lamhon ka

साथ लम्हों का मिल जाए | Saath Lamhon ka

साथ लम्हों का मिल जाए

( Saath lamhon ka mil jaye )

साथ लम्हों का मिल जाए।
चेहरा मेरा भी खिल जाए।
मिल जाएगा चैन मुझे भी।
मस्त बहारें मन को हर्षाए।

जब तू चाले चाल मोरनी की।
मन मयूरा झूम झूमकर गाए।
बज उठे दिल की घंटियां भी।
लबों पर मधुर मुस्कानें छाए।

तेरा मेरा साथ जन्मों का।
लम्हा लम्हा जीवन जीएं।
रफ्ता रफ्ता प्रेम का रस।
सुधारस प्याला हम पीएं।

तेरा साथ मिले तो दुनिया।
हो जाती है रंगीन सनम।
मेरे राजमहल की तू रानी।
बैठो पल पल निहारें हम।

कवि : रमाकांत सोनी

नवलगढ़ जिला झुंझुनू

( राजस्थान )

यह भी पढ़ें :

परिवार सब टूट रहे हैं

Similar Posts

  • शुभ कर्म | भजन

    शुभ कर्म ( Subh Karm ) मानव शुभ कर्म करें , गुणगान गायेंगे।देवत्व करम करें, देवता बन जायेंगे।।टेक।। सूरा जो पियेगा तो, सूअर बन जायेगा।शहद मीठा खायेगा ,स्वाद मीठा आयेगा।दर्पण में छाया हो, वही दिखलायेंगे।।1।। आग में हाथ डाले तो, जल ही जायेगा।सागर में जो गिरे, वह डूब ही जायेगा।कुआं में बोलोगे, वही बतलायेंगे।।2।। बिच्छू…

  • राज़ | Kavita Raaj

    राज़ ( Raaj ) दिवाली की रात आने वाली है, पर दिवाली ही क्यों? रोजमर्रा की जरूरत गरीबी ,लाचारी, सुरसा के मुंह की तरह मुंह खोल खड़ी है। जाने क्या गज़ब ढाने गई है वो? लौट के जब आएगी, चंद तोहफ़े लायेगी। भूख ,प्यास से, बिलख रही है उससे जुड़ी जि़दगीयां अचानक अचंभा हुआ—— कुछ…

  • मेरी कहानी में तुम

    मेरी कहानी में तुम पता नहीं, मेरी कहानी में तुम थे भी या नहीं,पर हर पन्ने पर तुम्हारी परछाईं दर्ज थी। कभी कोई बात,कभी कोई लम्हा,तो कभी वो खामोशियाँ,जो अब भी तुम्हारा नाम लेती हैं। मेरी कहानी में तुमसे बिछड़ने की कसक थी,अधूरे ख्वाब थे,अधूरी बातें थीं,और वो एहसास… जिसे मैं चाहकर भी बयां नहीं…

  • हे हंसवाहिनी,ऐसा वर दे | Hey Hans Vahini

    हे हंसवाहिनी,ऐसा वर दे ( Hey hans vahini aisa var do )   मृदुल मधुर ह्रदय तरंग, स्वर श्रृंगार अनुपम । विमल वाणी ओज गायन, ज्योतिर्मय अन्तरतम । गुंजित कर मधुमय गान , नव रस लहर मानस सर दे । हे हंसवाहिनी,ऐसा वर दे ।। दुर्बल छल बल मद माया, प्रसरित जग जन जन ।…

  • मेरी प्यारी अना | Meri Pyari Ana

    मेरी प्यारी अना ( Meri pyari ana )    मेरी प्यारी अना, मैं तुम पे हूँ फना, अपना लो सनम करना मत मना! दिल ने जब पुकारा , क्या तुमने था सुना? बैठो कहां चल दी, कुछ सुनाओ ना। दूर क्यूँ इतनी हो, करीब आओ ना। ग़र रूठ गयी तुम, तुम्हें लूँगा मैं मना।  …

  • पुरानी पेंशन योजना | Purani Pension Yojana

    पुरानी पेंशन योजना ( Purani pension yojana )   सबसे बड़ा पर्व पैरामिलेट्री उस रोज़‌ ही मनाएगा, पुरानी पेंशन लागू हमारी जब कर दिया जाएगा। बहुत बड़ा मुद्दा बन गया है आज यह हमारे लिए, सोचो समझो महामानवों अब जवानों के लिए।। हालात हमारे कैसे भी रहें हमने झुकना न सीखा, सर्दी-गर्मी तेज़ धूप में…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *