अपनों ने गम से ही भरा जीवन
अपनों ने गम से ही भरा जीवन

अपनों ने गम से ही भरा जीवन

( Apno Ne Gham Se Hi Bhara Jeevan )

 

 

अपनों ने ग़म से ही भरा जीवन

लूटकर सुख ऐसा किया जीवन

 

आंसू ग़म इतने है मिले मुझको

हाँ  ख़ुशी  के लिए जला जीवन

 

तोड़कर  प्यार  की  दीवारे  वो

ग़म भरा मेरा कर गया जीवन

 

रोज़ ग़म में ही दिन  गुजरता है

खुशियों से भर दें ए ख़ुदा जीवन

 

ए  ख़ुदा  दें  सकूं  का  कोई  गुल

जुल्म अपनों के सह रहा जीवन

 

लूटकर  होठों  की   हंसी  वो  ही

दुख भरा आज़म कर दिया जीवन

❣️

शायर: आज़म नैय्यर

(सहारनपुर )

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