बोल कर तो देखो
बोल कर तो देखो सुनो- तुम कुछ बोल भी नहीं रहे हो यहीं तो उलझन बनी हुई है कुछ बोल कर दूर होते तो चल सकता था….. अब बिना बोले ही हमसे दूर हो गए हो ये ही बातें तो दिमाग में घर कर बैठी है अब निकालूँ भी तो कैसे कोई…
बोल कर तो देखो सुनो- तुम कुछ बोल भी नहीं रहे हो यहीं तो उलझन बनी हुई है कुछ बोल कर दूर होते तो चल सकता था….. अब बिना बोले ही हमसे दूर हो गए हो ये ही बातें तो दिमाग में घर कर बैठी है अब निकालूँ भी तो कैसे कोई…
अपना भारत फिर महान हो जाता ******** ऊंची मीनारों में रहने वालों जरा रहकर इक व्रत देख लेते एहसास हो है जाता भूख होती है क्या? मजलूम मजदूरों का निवाला छीन कर खाने वालों, एहसास हो है जाता भूख से बिलखते बच्चों की भूख होती है क्या? इन बच्चों में जो देख लेते अपना…
बरसाती मेंढक! *** माह श्रावण शुरू होते ही- दिखते टर्र टर्र करते, जाने कहां से एकाएक प्रकट होते? उधम मचाते, उछल कूद करते। कभी जल में तैरते, कभी निकल सूखे पर हैं धूप सेंकते। माह दो माह खूब होती इनकी धमाचौकड़ी, लोल फुला फुला निकालते कर्कश ध्वनि। इन्हें देख बच्चे खुश होते, तो कभी हैं…
सत्यमेव जयते विजय सत्य की होती है, आए कठिनाई कितनी भी।। सत्य ही जीवन का सार शक्ति इसकी बेशुमार महिमा इसकी अपरंपार कुंद पङे ना इसकी धार लङ के हार जाती सब है यहां बुराई जितनी भी। विजय सत्य की होती है, आए कठिनाई कितनी भी।। l ‘राम’-‘कृष्ण’ का जीवन देखा…