उम्मीद
उम्मीद शांत सी जिंदगी में फिर से शोर होगा इस अंधेरी दुनिया में फिर कोई भोर होगा। इसी उम्मीद में देखो कितनी बड़ी हो गयी मैं थोड़ी मासूम तो थोड़ी नकचढ़ी हो गयी मैं। कुछ अपनों को जाते देखा तो परायों को आते देखा। जिंदगी क्या है, लोगों से सुनते देखा पर असल जिंदगी…










