Latest ghazal

  • लगी कुछ देर | Latest Ghazal

    लगी कुछ देर ( Lagi kuch der )   लगी कुछ देर उनको जानने में हां मगर जाना हमारे प्यार का होने लगा है कुछ असर जाना। कभी वो हंस दिये रहमत ख़ुदा की हो गई हम पर हुए नाराज़ तो उसको इलाही का कहर जाना। हुए ग़ाफ़िल मुहब्बत में भुला दी जात भी अपनी…

  • आँखों का पैमाना | Ghazal

    आँखों का पैमाना ( Aankhon ka paimana )   है  उसकी  नजर  मीठा जहर तो है दवा मैखाना । नजर से होश खो जाये, तो वापिस जाम से आना ।।   हुआ बीमार जब मैकश,जुड़ गये झूमकर मैकश । हुआ बीमार जब बाइज, हुआ घर उससे बेगाना ।।   हमारे  इश्क  के  सौदे  में, तुम…

  • लगे | Dr. Kaushal Kishore Srivastava Poetry

    लगे ( Lage )   जड़ जगाने में जिनको जमाना लगा । उन दरख्तों को पल में गिराने लगे ।।   उनकी इतनी हवस कि खुदा क्या करे ? सारे दुनिया के भी कम खजाने लगे ।।   दफन खुद में ही अब शख्श होने लगे । ताले  खुद  ही  जुवा  पे लगाने लगे ।।…