Unmukt Jivan

उन्मुक्त जीवन | Unmukt Jivan

उन्मुक्त जीवन

( Unmukt jivan ) 

 

जिवन के हर पडाव पार करता हूं
महफिल यारों की सजाता हूँ
मैं आसमान को छूने की कोशिश करता हु..

मैं अल्फाजो को समझता हूँ
मैं कलम से जवाब देता हूं
घायल दिल का हाल,
कविता मे बया करता हूँ.

मैं आजाद हूँ,
यही महसूस करता हूं
शब्दों को ढालता हूं कविता के सुंदर वन में
मै जिवन में हर रंग रंगने की कोशिश करता हूं

शिकायत नहीं,
शुक्र अदा करता हू ,
खुबसूरत जीवन कै लिए ख़ुदा से सजदा करता हू
मैं उन्मुक्त जीवन जीता हूं
यारों की महफिल सजाता हूं

नौशाबा जिलानी सुरिया
महाराष्ट्र, सिंदी (रे)

यह भी पढ़ें :-

यादों के पन्ने | Yaadon ke Panne

Similar Posts

  • मुफ्त की सलाह | Poem on muft ki salah

    मुफ्त की सलाह ( Muft ki salah )     फ्री फ्री फ्री मुफ्त की सलाह मिल रही सबको फ्री हर मुश्किल समस्या का कोई इलाज लीजिए फ्री   सब हथकंडे सारे नुस्खे कई फार्मूले मिल जाएंगे मुफ्त की सलाह देने कई माहिर विद्वान आएंगे   चुनावी चक्कर में पड़ गए आओ सलाह लीजिए जीत…

  • Hindi Kavita -सहारा

    सहारा (Sahara )   सहारा किसका ढूँढ रहा है कि जब, श्रीनाथ है नाव खेवईया। रख उन पर विश्वास भवों से, वो ही पार लगईया॥ सहारा किसका…. * कर्म रथी बन धर्म पे ही चल, मन में नाथ को अपने रख कर। गर विश्वास प्रबल होगा तक, वो ही है पार लगईया॥ सहारा किसका….. *…

  • अपना ऐसा गणतंत्र हो | Gantantra Diwas par Kavita

    अपना ऐसा गणतंत्र हो ( Apna Aisa Gantantra Ho )    अपना ऐसा यह गणतंत्र हो, और बच्चें एक या दो ही हो। हौंसले सबके यें मज़बूत हो, व स्वतंत्रता का आभास हो।। आज नही रहें कोई परेशान, वृद्ध-बच्चें या जवान इंसान। संदेश दर्शाता यही लोकतंत्र, तिरंगा हमारा देश की शान।। कानून सब के लिए…

  • प्रतिस्पर्धा | Pratispardha

    प्रतिस्पर्धा ( Pratispardha )    एक स्पर्धा ही तो है जो ले जाती है मुकाम तक लक्ष्य के अभाव मे हर प्रयास सदैव बौना ही रहता है…. कामयाबी की चाहत ही उभरती है आपने ऊर्जा बनकर भटकाव के रास्तों से भी मंजिल ,अपने दिशा का चयन कर ही लेती है… प्रतिस्पर्धा किसी विशेष एक की…

  • जमीर | Jameer kavita

    जमीर ( Jameer )   गिरा जो अपना 1रुपया तो पश्चाताप बार-बार करते हो, दूसरों का ले हजारों किए हो जो गमन, जरा सोचो उस पर क्या बीती होगी? स्वार्थ का पर्दा लगाए हो जो जमीर में मेरा सच का आइना लो देखो तो जरा, ईमान खुद बोल देगा जमीर बचाओ यारों, किसी का तुम…

  • मीरा की कृष्ण भक्ति | Meera ki Krishan Bhakti

    मीरा की कृष्ण भक्ति ( Meera ki krishan bhakti )   मीरा की कृष्ण भक्ति,माधुर्य का सरित प्रवाह राठौड़ वंश अति शोभित, मीरा अप्रतिम अवतरण । प्रस्फुटित उपासना भाव, पुनीत पावन अंतःकरण । विष पात्र सहर्ष स्वीकार, भान कर अमृत अथाह । मीरा की कृष्ण भक्ति,माधुर्य का सरित प्रवाह ।। राणा रतन सिंह दिव्य सुता…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *