Mahavir jayanti par Kavita

2624 वां महावीर जन्म कल्याणक दिवस

2624 वां महावीर जन्म कल्याणक दिवस

भगवान महावीर को मेरा भावों से शत – शत वन्दन !
भगवान महावीर की राह को अपनायें ।
मानव जीवन सफल बनायें ।
अब भोर है उठ जाग जायें ।
क्यों आँखें मूंदकर हम सोयें ।
संत हमारी मूर्छित चेतना जगाते ।
कीमती वक्त हमारा हम क्यों खोते।
दुनिया की हैं यह झूठी माया ।
जैसे बादल की सी हैं यह छाया ।
मानव जीवन को क्यों व्यर्थ गंवाये ।
धर्म की राह को अपनायें ।
जो उगता हैं वह छिप जाता हैं ।
खिलने वाला मुरझाता हैं ।
जगत का यही शाश्वत नियम हैं ।
व्यर्थ विलाप में इसको नहीं खोना हैं ।
शुरुआत में चल गिर – गिर उठना ।
आगे जीवन पथ पर बढ़ जाना ।
भावों को सही से शुद्ध बनाना ।
महावीर का नाम सुमिरन करना ।
जो जगता हैं वही पाता हैं ।
जो सोता हैं वही खोता हैं ।
आत्मा के “प्रदीप “को ज्ञान से पाना हैं ।
मोक्ष मार्ग की राह को अपनाना हैं ।
भगवान महावीर की राह को अपनायें ।
मानव जीवन सफल बनायें ।
भगवान महावीर की राह को अपनायें ।

प्रदीप छाजेड़
( बोरावड़)

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