पुलवामा शहीदों को नमन

पुलवामा शहीदों को नमन | Poem on pulwama shahido ko naman

पुलवामा शहीदों को नमन

( Pulwama shahido ko naman )

 

पुलवामा में शहीद हो गए वंदन उन रणवीरों को
मातृभूमि शीश चढ़ाये सब देशप्रेम रणधीरों को

 

कश्मीर की केसर क्यारी में वीर कई बलिदान हुए
आतंकी हमलों ने घायल भारत माँ को घाव दिए

 

दहल उठा देश सारा दुश्मन की गहरी चालों से
गर्व हमें उन महावीरों पे उन देशभक्त मतवालों पे

हर सीने में आग जलती नाकों चने चबाने को
मुंह तोड़ जवाब देती सेना अरि को दिखाने को

 

शौर्य बलिदान नमन करें अमर सपूतों की गाथा
सीमा पर अटल सेनानी वंदे मातरम् नारा गाता

 

जहां रगों में जोश भरा है जो देशभक्त मतवाले हैं
दुश्मन की हर चालों के मुंह तोड़ जवाबी भाले हैं

 

आंख दिखाएं हिंद को मंसूबे चकनाचूर कर देंगे
देशहित में वीर दीवाने मां चरणों में शीश धर देंगे

   ?

कवि : रमाकांत सोनी

नवलगढ़ जिला झुंझुनू

( राजस्थान )

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बांहों में | Poem on bahon mein

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