Om Banna Dham

ओम बन्ना का धाम निराला | Om Banna Dham

ओम बन्ना का धाम निराला

( Om banna ka dham nirala )

 

पूरी-दुनिया में है अनोखा वह एकमात्र ऐसा स्थान,
मोटर-साइकिल को पूजते है जैसे पूजते भगवान।
बुलेट-बाबा की बुलेट ने सबको कर दिया है हैरान,
आज भी जिसमे बसी है श्री-ओमबन्ना की जान।।

वो रहस्यमयी सच्ची-कहानी अब बन गया है धाम,
काले रंग की राॅयल एनफील्ड करती है ऐसे काम।
आरएनजे 350 CC लक्की नंबर जिसका 7773,
सबकी मन्नत पूर्ण होती इसका दूर दूर तक नाम।।

1988 में इसी बाईक से इनका हो गया एक्सीडेंट,
पेड़ से टकराकर मौत हो गया जिनका उसी वक्त।
मौके पे रोहट पुलिस पहुॅंचकर थाने ले आई बुलेट,
पर अनेंक बार ख़ुद चलकर गया बुलेट वट वृक्ष।।

पाली जिले के चोटिला गाॅंव की अद्भुत यह घटना,
ये चैन जंजीरें भी तोड़ गई जहां पर हुआ दुर्घटना।
बार बार लाना पुलिस निगरानी से ख़ुद चलें जाना,
हो गए परेशान तब से पूजे-जाते यह ओम बन्ना।।

35 साल से नहीं हुई है वहां ऐसी कोई भी दुर्घटना,
जहां आये दिन हुआ करती एक्सीडेंटो की घटना।
आज घूम-घूमकर कर रही सतर्क बन्ना की आत्मा,
लोग पूजा-अर्चना करके कर रहें उनकी साधना।।

 

रचनाकार : गणपत लाल उदय
अजमेर ( राजस्थान )

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