उस चाॅंद ने बहुत तड़पाया आज आसमानी उस चाॅंद ने मुझे बहुत तड़पाया,रोज़ाना जो जल्द आता आज वक्त पर न आया।पाॅंव में पाज़ेब हाथ में चूड़ी ये मेहन्दी मैंने रचाया,ऑंख लगाएं बैठी रही ये इन्तज़ार ख़ूब कराया।। क्यों करते हो हर बार ऐसा करवा चौथ की शाम,भूखी प्यासी रहकर गृहणियां लेती तुम्हारा नाम।बहुत नाज़ुक है…
नये साल में! ( Naye saal mein ) आओ मोहब्बत का फूल खिलाएँ नए साल में, बहे न कहीं इंसानियत का लहू, नए साल में। अंधेरे न लूट पाएँ अब उजालों की दौलत, कोई गमगीन लम्हा न फटके नये साल में। धरती भी महके और ये फिजायें भी महकें, उगेंगे ख्वाबों के दरख्त देखो…
शायद ( Shayad ) शायद दिल को खबर मिली है मेरे लिए जिम्मेदरियों की कली खिली है दिल को कुछ हो रहा अहसास है अब इस आंगन से विदाई पास है मां की डांट भी अब मिलेगी कैसे मेरे इंतजार मे राह भी तकेगी कैसे भाई के शरारतों से बेखबर होंगे जाने वहाँ दिन…
गांधी जी का महाप्रयाण दिवस बापू को पल – पल नमन करे ,क्षण – क्षण स्मरण करे ।।ध्रुव॥ मन प्राणों की पुलकन को चैतन्य पूर्ण चितवन को संघर्षों के पुरोधा को करुणा के सागर को जीवन के संजीवन को गुण रत्नाकर बापू को नमन करे । बापू को पल – पल नमन करे ,क्षण…
संकटमोचन हनुमान ( Sankatmochan Hanuman ) हे संकट मोचन हनुमान, तुम्हरे बिन संकट कौन हरे? तुम्हारे सिवा कोई नहीं हमारा। तू ही आकर दे दे सहारा। स्वीकार करो वंदन हमारा।। तुमने रघुनंदन के दुखड़े टारे। हर मुश्किल से पार निकाले। तुम राम जी के, राम तुम्हारे। समझा हमने भी तुम्हें हमारा। स्वीकार करो, वंदन…