Sansar ek Jaal

संसार एक जाल | Sansar ek Jaal

संसार एक जाल

( Sansar ek jaal )

 

चारों तरफ फैली हुई धोखेबाजी और मक्कारी है,
भोले भाले लोगों को लूटना इनकी कलाकारी है।

सोच समझ करो भरोसा आज के तुम इंसानों पर,
न जाने कब फेर दे पानी वो तुम्हारे अहसानों पर।

जरूरतमंद जान तुम जिसका भला करने जाओगे,
हो सकता है उसी के हाथों तुम ठग लिए जाओगे।

चाहे हो कोई पड़ोसी या कोई तुम्हारा नाते रिश्तेदार,
भरोसा करने से पहले तुम अच्छे से कर लो विचार।

बेईमानी और जालसाजी का चारों ओर है बोलबाला,
इनके चक्कर में फंसकर लूट रहा इंसान भोलाभाला।

कोई किसी और की प्रॉपर्टी अपनी बताकर बेच रहा,
नौकरी दिलाने वादे करके कोई झूठे सपने बेच रहा।

सोशल मीडिया में कोई सुंदर लड़की बन लूट रहा,
इनके झांसे में फंसकर अपने पैसों से नाता टूट रहा।

आधुनिक युग में तो ठगी भी ऑनलाइन होने लगी,
लूटी जा रही भोली जनता इन्हें लगती है दिल्लगी।

ओटीपी पिन बताकर लोगों के खाली होते खाते,
माथा पकड़ रोते फिरते अपने भोलेपन पर पछताते।

आज की दुनिया में चारों ओर फैला ये मकड़जाल,
धोखे से बचने समझो तुम संसार को एक जाल।

सावधानी और सतर्कता ही इनसे बचने के हथियार हैं,
नहीं रहे तुम जागरूक तो समझो तुम्हारा बेड़ा पार है।।

 

रचनाकार  –मुकेश कुमार सोनकर “सोनकर जी”
रायपुर, ( छत्तीसगढ़ )

यह भी पढ़ें:-

श्री राम मंदिर | Shri Ram Mandir

 

Similar Posts

  • दिल से पूछो | Dil se Pucho

    दिल से पूछो ( Dil se pucho )   विश्व के धरातल पर ,था सनातन फैला हुआ हुई क्या कमी ऐसी की आज वह मैला हुआ भूभाग अछूता था नही, कल कोई हिंदुत्व से सिमट कर रह गए, क्यों हम अपने कर्तव्य से आतंकियों के समर मे, हटते गए हम सदा भाई ही भाई के…

  • जय हो | Jai Ho

    जय हो ( सूर्य नमस्कार एवं युवा दिवस विशेषांक )   जय हो, जय हो, जय युवा वर्ग, जय हो, जय हो, जय योगा पर्व। जय हो…।। सूर्य नमस्कार नित्य ही करो, जीवन में खुश सर्वदा ही रहो। योगा पर्व की सभी को बधाई, युवा दिवस की हार्दिक बधाई। जय हो…।। स्वस्थ रहो तुम निरोगी…

  • बीएल भूरा की कविताएं | BL Bhura Poetry

    युवा पीढ़ी आज का भविष्य है उनके कंधों पर समाज की उम्मीदें हैं।उनके सपनों को पूरा करना हमारा कर्तव्य है। युवाओं में ऊर्जा और उत्साह का संचार है,वे समाज को नई दिशा देने की क्षमता रखते हैं।उनके पास समाज की समस्याओं का समाधान है। युवा पीढ़ी आज की सबसे बड़ी ताकत है,वे समाज को आगे…

  • अंतिम सांस तक | Prem ras kavita

    अंतिम सांस तक ( Antim saans tak )     सोनू से प्रेम है उससे मुझे प्रेम है कुछ-कुछ स्वर्णाभ अक्षत सा है….. कुन्दन सा खरा शाश्वत है स्वयं से प्रकाशित आभाषित ईश्वरत्व की सत्यता जैसा जो हमारे प्रेम पर आकर रुक जाती है और बस रुकी ही रहती है       अंतिम साँस तक ……………….

  • शराबी की दुनिया | Sharabi

    शराबी की दुनिया ( Sharabi ki duniya )    शराबी की दुनिया अब बोतल में बंद है। मधुशाला डेरा बना बस दारू आनंद है। नदी नाले कीचड़ में कचरे में वो जाता है। झूम झूम शराबी राहों में शोर मचाता है। जमीं बिकती ईमान बिके बीवी तज जाती है। भाई बंधु कुटुंब कबीला प्रीत कहां…

  • रिमझिम बूंदों की बहार | Rimjhim Boondon ki Bahar

    रिमझिम बूंदों की बहार ( Rimjhim boondon ki bahar ) रिमझिम बूँदों की बहार आई, हरियाली चहुॅओर देखो छाई। श्रृंगार करने को आतुर धरित्री, रीति नवल अभ्यास देखो लाई। मिट्टी से सोंधी महक उठ रही, मलय सौरभ से मस्त हो रही। न भास्कर न रजनी आते गगन में, बस सावन की रिमझिम बरस रही। तन…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *