श्री राम मंदिर | Shri Ram Mandir

श्री राम मंदिर

( Shri Ram Mandir )

( 2 )

श्री राम को मंदिर बन ही गया,
भारत माता हरषाईं है ।
ये जीत सनातन धर्म की है ,
घर-घर में खुशियां छाई हैं।।

श्री राम टेंट में रहते थे
ऐसे बीते थे साल कई।
लंबा संघर्ष किया है जब,
किरणें आशा की जगी नईं।।
मंदिर तो यहीं बनाएंगे,
ये ठानी फिर तरुणाई है।।
श्री राम को मंदिर बन ही गया,
भारत माता हरषाईं है……

अब नव युग आने वाला है ,
इतिहास पुराना बदल गया।
है प्राण प्रतिष्ठा मंदिर में ,
मंदिर भी कितना भव्य बना।
जागा हिंदू जागा भारत
श्री राम की महिमा गाई है ।
श्री राम को मंदिर बन ही गया
भारत माता हरषाईं हैं…..

अब राम राज फिर आएगा ,
जन मानस राममयी होगा ।
अपना कर रामचरित निर्मल,
निज धर्म ध्वज लहराएगा।
सिया राम लखन हनुमान सहित
सब देवों की अगुवाई है ।
श्री राम को मंदिर बन ही गया,
भारत माता हरषाईं हैं,
ये जीत सनातन धर्म की है
घर घर में खुशियां छाईं हैं।।

श्रीमती अनुराधा गर्ग ‘ दीप्ति ‘

जबलपुर ( मध्य प्रदेश )

 


( 1 )

 

हो रहा श्री राम मंदिर निर्माण जन जन के हृदय में खुशियां अपार,
भारत भूमि में फैलेगी अब चहुं ओर सुख शांति और संस्कार।

हर हिन्दू का था ये सपना श्री राम जी को मिले स्थान अपना,
बरसों से देखते आए थे जिसे हम आज हुआ वो पूरा सपना।

इस सपने को पूरा करने वर्षों से कितनी कोशिशें जारी थी,
कैसी कैसी मुसीबतें झेली किसी ने लाठियां भी खाई थी।

बरसों के संघर्ष की सफलता से जन मन प्रफुल्लित हुआ,
रामभक्तों के मन में खुशियां छाई हृदय भी आल्हादित हुआ।

अब रामजन्म भूमि अयोध्या समूचे विश्व में जानी जाएगी,
यह पावन भूमि अब श्री राम के नाम से ही पहचानी जाएगी।

इस सपने के पूरा होने से करोड़ों भक्तों का सपना हुआ साकार,
देश विदेशों में गूंजेगा अब श्री राम लला की जयजयकार।

अयोध्या राम मंदिर में अब विराजेंगे श्री राम लला,
दर्शन उनके पाकर दूर हो जाएंगी सबकी बला।

मन कहता कितना भाग्यशाली हूं यहां जन्म जो पाया,
जिस पावन भूमि पर सदा से रही है ईश्वर की छाया।

हार्दिक इच्छा हरि चरणों में समर्पित अब अपना जीवन करूं,
श्री राम कृपा पाने खातिर नित्य-निरंतर वंदन-सुमिरन करूं।

अब तक जीवन बीता है पालन करने घर परिवार में,
मन की इच्छा है बाकी जीवन बीते प्रभु के दरबार में।

राम नाम का गुणगान करते अगर अंत हमारा आएगा,
प्रभु नाम सुमिरन के प्रताप से जीवन सफल हो जाएगा।

इसलिए जीवन का सार मैं आप सबसे करता हूं वर्णन,
जन्म मृत्यु के बंधन से मुक्ति पाने नित्य करो हरि दर्शन।।

रचनाकार  –मुकेश कुमार सोनकर “सोनकर जी”
रायपुर, ( छत्तीसगढ़ )

यह भी पढ़ें:-

नववर्ष | Poem in Hindi on New Year

Similar Posts

  • तुम क्या कहोगे | Geet Tum kya Kahoge

    तुम क्या कहोगे ( Tum kya Kahoge )   हम हलकानी में जी लेते हैं, तुम क्या कहोगे हम आग-पानी में जी लेते हैं, तुम क्या कहोगे। बोते हैं गेहूंँ काटते हैं गेहूंँ बटाई के खेत लिए हम फूसपलानी में जी लेते हैं, तुम क्या कहोगे। हमारे बच्चे होटल में धोते हैं प्लेट पेट के…

  • तेरे मेरे दरमियां | Geet Tere Mere Darmiyaan

    तेरे मेरे दरमियां ( Tere mere darmiyaan )   कितना पावन रिश्ता है, तेरे मेरे दरमियां। प्रेम का सागर भरा है, तेरे मेरे दरमियां। खुशबू सी महकती, खिल जाती फिजाओं सी। मुस्कुराना गजब है तेरा, सावन की घटा सी। दिल के जुड़े तार सभी, रोशन हो जलता दिया। प्यार की सरिताएं बहती, तेरे मेरे दरमियां।…

  • तेरी यादों के | Teri Yaadon Ke

    तेरी यादों के ( Teri Yaadon Ke ) तेरी यादों के मेघों से ,हर निशा दिवस ही मंगल है ।जो सीच रहा मन-मरुथल को ,वो मेघ सलिल गंगाजल है।। वर्षों से बरखा रूठ गई ,इस मुरझाई फुलवारी से।अब नील गगन को ताक रहे, मन मारे किस लाचारी से ।कब भाग्य विधाता रीझ सके ,उच्छवासों की…

  • नया साल मनाने वाले हैं | Naya Saal Manane Wale Hain

    नया साल मनाने वाले हैं ( Naya saal manane wale hain )   नई आशाओं के दीप सजा हम गाने वाले हैं। नई साल की खुशियों के गीत सुनाने वाले हैं। नया साल मनाने वाले हैं झूम झूम कर मस्ती में हम जश्न मनाएंगे । नया साल है अभिनंदन हम झूमेंगे गाएंगे। खुशियों के नए…

  • प्यार का बंधन | Geet Pyaar ka Bandhan

    प्यार का बंधन ( Pyaar ka bandhan )    दो दिलों के तार जुड़े हैं, धड़कनों की कहानी है। प्यार का बंधन सुहाना, इश्क मोहब्बत रवानी है। प्यार का बंधन सुहाना नैनों में चमक आ जाती, दिल को करार प्यारा। मुस्कान लब छा जाती, प्यार की बहती धारा। मन की वादियां महकी, वो प्रेम के…

  • आयो फागणियो | Rajasthani Geet Ayo Faganiyo

    आयो फागणियो ( Ayo Faganiyo )    काळा केशां न लहरावै, बादळियो भंवरजी मुळकावै। रसियो गीत सुरीला गावै, गोरा गालां रंग लगावै। आयो फागणियो मस्ती म, झूमै फाग सुणावै है। आयो फागणियो, ओ आयो फागणियो रंग रंगीलो फागण आयो, झूमै दुनिया सारी। फूल खिल्या है बाग महकरयो, नाच रयो बनवारी। भर पिचकारी मदन मुरारी, रंग…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *