सावन में

खुमार सावन का | Ghazal Khumaar Sawan ka

खुमार सावन का

( Khumaar Sawan ka )

बीता मौसम हज़ार सावन का
आप बिन क्या शुमार सावन का

बात बनती नज़र नही आती
है अधूरा जो प्यार सावन का

इक नज़र देख लूँ अगर तुमको ।
तब ही आये करार सावन का

वो न आयेगा पास में मेरे
क्यों करूँ इंतज़ार सावन का

आप आये हो मेरी महफ़िल में
चढ़ रहा है खुमार सावन का

आस ये आखिरी मेरे दिल की
करके आओ शृंगार सावन का

आप क्यों अब चले नही आते
कुछ तो होगा उधार सावन का

बिन सजन मान लो प्रखर तुम भी
खो ही जाता करार सावन का

Mahendra Singh Prakhar

महेन्द्र सिंह प्रखर 

( बाराबंकी )

यह भी पढ़ें:-

महेन्द्र सिंह प्रखर के मुक्तक | Mahendra Singh Prakhar ke Muktak

Similar Posts

  • है ही नहीं | Hai hi Nahi

    है ही नहीं ( Hai hi nahi ) नेक गुण आदमी में है ही नहींसाफ़ पानी नदी में है ही नहीं हाथ को जोडकर खड़ा है परसादगी आदमी में है ही नहीं फूल ताज़े हैं पर है ये हालतशुद्धता ताज़गी में है ही नहीं मूर्ति के सामने खड़ा है परभावना बंदगी में है ही नहीं…

  • तेरी याद में | Yaad Shayari in Hindi

    तेरी याद में ( Teri yaad me )  जमाना ख़राब हो गया तेरी याद में, मैं अधमरा हो गया हूं तेरी याद में। कितनों को वफ़ा का सबक सिखाओगे, खुद बेवफ़ा हो गया मैं तेरी याद में ‌। जिस्म से खेलने का हूनर मुझे नहीं है, मुझे ख़्वाब आने लगें तेरी याद में। जी नहीं…

  • भर भर दुआ देने लगे

    भर भर दुआ देने लगे हम बुज़ुर्गों पर तवज्जो जब ज़रा देने लगेवो मुहब्बत से हमें भर-भर दुआ देने लगे घर के आँगन में खड़ी दीवार जब से गिर गयीनाती पोतों के तबस्सुम फिर मज़ा देने लगे मिट गये शिकवे गिले जब भाइयों के दर्मियाँएक दूजे के मरज़ में वो दवा देने लगे आ रहींं…

  • क्यूं है | Kyon Hai

    क्यूं है ( Kyon Hai ) जिस शख़्स से गिला है उससे ही प्यार क्यूं हैमुझको उसी बशर का अब इंतज़ार क्यूं है उसके बगैर सूनी लगती है दुनिया मुझकोहोता उसी से मेरा दिल खुशगवार क्यूं है जिसने कभी तो कोई वादा नहीं निभायानादान दिल को उस पर फिर ऐतबार क्यूं है खोयी रहूं सदा…

  • देखा इक दिन | Ghazal Dekha ek Din

    देखा इक दिन ( Dekha ek Din ) आंख दुश्मन की लाल कर रख दी हेकड़ी सब निकाल कर रख दी हाल आलस का ये हमारे है आज की कल पे टाल कर रख दी सच का परचम लगा है लहराने फिर हक़ीक़त निकाल कर रख दी हाथ उसके लगा नहीं कुछ पर सारी पेटी…

  • लम्हा भर है जिंदगी | Zindagi pe Shayari

    लम्हा भर है जिंदगी ( Lamha bhar hai zindagi )    सबसे तू हँस बोल ले प्यारी भवर है जिंदगी साँस के बस एक झोंके का सफ़र है जिंदगी जिंदगी जी ले जी भर मत सोच ज्यादा अब इसे क्या पता वर्षों की है या लम्हा भर है जिंदगी खोज ले पल हसरतों के कुछ…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *