नाम लेकर मुझे तुम बुलाया करो

नाम लेकर मुझे तुम बुलाया करो

नाम लेकर मुझे तुम बुलाया करो
जब भी जी चाहे तुम आज़माया करो

बेगुनाहों की फ़रियाद सुनता है रब
झूठी तुहमत न ऐसे लगाया करो

इश्क़ का तुहफा भी नज़्र करती तुम्हें
मेरी ग़ज़लों में आकर समाया करो

बात माना करो दूसरों की भी तुम
हर समय अपनी ही मत चलाया करो

ये झिझक कैसी जब इश्क़ तुमको हुआ
बेधड़क मुझसे मिलने तुम आया करो

दर्दे-दिल की दवा है मेरे पास भी
हाले-दिल तुम न मुझसे छुपाया करो

जीस्त मीना ख़ुदा की अमानत है ये
मुफ़्त में इसको तुम मत लुटाया करो

Meena Bhatta

कवियत्री: मीना भट्ट सि‌द्धार्थ

( जबलपुर )

यह भी पढ़ें:-

Similar Posts

  • मेरे भीतर | Rajni ki Ghazal

    मेरे भीतर ( Mere Bheetar ) चढ़ा अपने सनम के इश्क़ का पारा मेरे भीतरग़ज़ल कहने का मौज़ूं है बड़ा प्यारा मेरे भीतर रवानी बन गई है प्रेम की धारा मेरे भीतरहै ए’लान-ए-बहाराँ-सा ये इकतारा मेरे भीतर कहूँ कैसे मैं तुमसे दिल है बेचारा मेरे भीतरन जाने कबसे है पागल ये बंजारा मेरे भीतर तुम्हारे…

  • कैसे हो दीदार सनम का | Deedar Ghazal

    कैसे हो दीदार सनम का ( Kaise ho deedar sanam ka )    कैसे हो दीदार सनम का पर्दे में जब प्यार सनम का रुत मस्तानी हो और यूं हो बाहें डालें हार सनम का दिल दीवाना बन जाता है ऐसा है मेआर सनम का मीठा दर्द जगाये दिल मे तीर लगे जब पार सनम…

  • चाहता हूँ | Chahta Hoon

    चाहता हूँ ( Chahta Hoon ) माँग तेरी मैं सज़ाना चाहता हूँहाँ तुझे अपना बनाना चाहता हूँ राह उल्फ़त की बनाना चाहता हूँप्यार हर दिल में बसाना चाहता हूँ आप बिन तो इस जहाँ में कुछ नही हैबात मिलकर ये बताना चाहता हूँ दो कदम जो साथ मेरे तुम चलो तोइक़ नई दुनिया दिखाना चाहता…

  • उसका मज़ा ले

    उसका मज़ा ले गुलों सी ज़िन्दगी अपनी खिला लेजो हासिल हो रहा उसका मज़ा ले मुहब्बत हो गई है तुझको मुझसेनिगाहें लाख तू अपनी चुरा ले खरा उतरूंगा मैं हर बार यूँहींतू जितना चाहे मुझको आज़मा ले लुटा दूँगा मैं चाहत का समुंदरकिसी दिन चाय पर मुझको बुला ले घटा छाती नहीं उल्फ़त की हर…

  • मैं दिल से ख़ूबसूरत हूँ | Khoobsurat Shayari

    मैं दिल से ख़ूबसूरत हूँ ( Main dil se khoobsurat hoon )   मैं अपने आप में जो आज इक ज़मानत हूँ किसी की नेक इनायत की ही बदौलत हूँ जो मुझको छोड़ गया था मेरे भरोसे पर मैं आज तक ही उसी शख़्स की अमानत हूँ ज़माना शौक से पढ़ने लगा है यूँ मुझको…

  • जाइए सो जाइए | Jayie so Jayie

    जाइए सो जाइए ( Jayie so Jayie ) छोड़िए भी अब ज़राफ़त जाइए सो जाइए। हो गयी काफ़ी शरारत जाइए सो जाइए। जानेमन जान-ए-मसर्रत जाइए सो जाइए। बन्द कीजे बाबे उल्फ़त जाइए सो जाइए। नींद सा आराम दुनिया की किसी शय में नहीं नींद है अल्लाह नेअ़मत जाइए सो जाइए। मैं तो पागल हूं न…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *