वो मिलें जो मुझे

वो मिलें जो मुझे | Wo Mile jo Mujhe

वो मिलें जो मुझे

हो गई आँख़ नम फिर हँसाने के बाद ।
वो मिलें जो मुझे इक ज़माने के बाद ।।१

गीत जिनकी विरह में लिखे थे कभी ।
दौड़ आए वही गुनगुनाने के बाद ।।२

खुश बहुत था जिन्हें साथ पाकर यहाँ ।
चल दिए आज वो जुल्म़ ढा़ने के बाद ।।३

क्या क़मी थी वफ़ा में बताओ ज़रा ।
क्यों गये छोड़ वो दिल लगाने के बाद ।।४

हो गया आज शामिल रफ़ीको में मैं ।
कर्ज उनका सुनो पर चुकाने के बाद ।।५

प्यार का फर्ज मैं भी निभा लूँ ज़रा ।
गैर उसको यहाँ पर बनाने के बाद ।।६

याद फिर वह प्रखर आज आने लगा ।
जिसको चाहा नहीं था भुलाने के बाद ।।७

Mahendra Singh Prakhar

महेन्द्र सिंह प्रखर 

( बाराबंकी )

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