Kavita Atal Bihari Vajpayee

अटल जी की महिमा

अटल जी की महिमा

नाम जहां में रहा है प्रसिद्ध अटल।
काम अटल जी के जग में रहे सदा अटल।।

साहित्य से रहा उनको सदा ही प्यार
देश प्यारा था उनको अपना अपार।।

याद कर रहा है उन्हें ये जग सारा।
जय विज्ञान का था उनका प्यारा नारा।।

देश पर अपने हो गए अटल कुर्बान।
याद कर रहा है उनको भारत देश महान।।

अटल जी का गा रहा है यस सारा देश
सत्य की राह चले दिया सबको उपदेश।।

लक्ष्य उनका कोई दुश्मन ना भेद पाया।
अटल जी ने जो जग में चाहा वही पाया।।

नाम भी उनका अटल काम भी उनके अटल।
उनके गुण गा रहे जग में सारे पटल।।

देश प्रेम की सदा ही रही उनके दिल में भावना।
अलख जगा गए देश में कैसे हो सद्भावना।।

सुनील कुमार
नकुड़ सहारनपुर
उत्तर प्रदेश भारत

यह भी पढ़ें :-

Similar Posts

  • वो कोरोना काल के दिन | Corona Kaal par Kavita

    वो कोरोना काल के दिन ( Wo corona kaal ke din )    जब से आया कोरोना है आँसू बहा रहा हूँ, आफत गले पड़ी है उसको निभा रहा हूँ। अब हो गया लाॅकडाउन घर में रह रहा हूँ, आफत गले पड़ी है उसको निभा रहा हूँ।। सुबह के पाॅंच बजें है में चाय बना…

  • पानी | Pani Par Kavita

    पानी! ( Pani )  समुद्र की आँख से छलका पानी, घटा टूटकर बरसा पानी। बढ़ा नदी में प्रदूषण ऐसा, फूट-फूटकर रोया पानी। मानों तो गंगा जल है पानी, नहीं मानों तो बहता पानी। पत्थर,पहाड़,पानी की संतानें, जनम सभी को देता पानी। आदमी है बुलबुला पानी का, सबका बोझ उठाता पानी। बनकर गुच्छा बूँद का देखो,…

  • निभाए तो कैसे, कौन-सा रिश्ता?

    निभाए तो कैसे, कौन-सा रिश्ता? गुलिस्तां जो थे सुनसान हो गए।पंछी पेड़ों से अनजान हो गए॥ आदमी थे जो कभी अच्छे-भले,बस देखते-देखते शैतान हो गए॥ सोचा ना था कभी ज़ख़्म महकेंगे,गज़लों का यू ही सामान हो गए॥ निभाए तो कैसे, कौन-सा रिश्ता?दिल सभी के बेईमान हो गए॥ पूछते हैं काम पड़े सब हाल मियाँ,मतलबी अब…

  • Romantic Kavita | दरकार

    दरकार ( Darkar )   हमको  है  दरकार  तुम्हारी हर  शर्त  स्वीकार  तुम्हारी हमसफर हो जीवन पथ की तुझ पर हम तो है बलिहारी   एक जरूरी किस्सा हो तुम दिल की धड़कन हो प्यारी मेरे  जीवन का हिस्सा हो हमसफर  हो  तुम  हमारी   प्रेम   भरी   पुरवाई   हो झोंका मस्त  बहार  का सजा हुआ…

  • युग मनीषी श्री अटल बिहारी वाजपेयी

    युग मनीषी श्री अटल बिहारी वाजपेयी राष्ट्र हित के नाम कर दिया आपने जीवन साराआप झूठ से दूर रहे लिया सच का सदा सहारा ।। सादा जीवन जिया आपने रख्खे उच्च विचारराजनीति में रहकर भी बेदाग़ रहा किरदार ।। उनके नेतृत्व में देश का खूब हुआ उत्थानदुनिया के नक्शे पर उभर कर आया हिन्दोस्तान ।।…

  • पर्यावरण | Paryavaran sanrakshan par kavita

    पर्यावरण ( Paryavaran )   विविध जीवों का संरक्षण मान होना चाहिए। स्वस्थ पर्यावरण का संज्ञान होना चाहिए।। अधिक वृक्ष लगा करके धरती का श्रृंगार हो, वृक्षों की उपयोगिता पर ध्यान बार बार हो। वृक्ष, प्राणवायु फल छाया लकड़ियां देते हैं, उसके बदले हम उन्हें सोचो भला क्या देते हैं। दस पुत्र समान द्रुम हैं…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *