अलविदा से स्वागत

अलविदा से स्वागत

अलविदा से स्वागत

गुज़रा साल बहुत ही अच्छा था,
हर हाल में इतिहास वह रचा था;
गुजरा कल सारा वो भी सच्चा था,
हर पल जो ख़ुशीओं में बीता था।

वक्त आएगा और निकल जाएगा,
सोच अपनी अपनी कैसे जिएगा;
गर बुरी आदतों को छोड़कर रहेगा,
अच्छी आदतों से खुशियां पाएगा।

अब सारी बुराइयां हम मिटा देंगे,
जीवन में सदा सभ्यता को लेंगे;
उसी से जीवन में आनंद पाएंगे,
नए साल में सपनों को सजाएंगे।

गुजरे साल को खुशी से अलविदा,
हर कोई हालत में दिया है साथ सदा;
2024 साल सदा सबको रहेगा याद,
नए साल की सभी को मुबारकबाद।

अनेकता में ही बनी एकता की ताकत,
आनेवाले समय में देश को करेंगे प्रगत;
खाते हैं कसम मिटा देंगें हम बुरी आदत,
2025 का खुशी से हम करते हैं स्वागत।

आनंदा आसवले, मुंबई
पत्ता: साईभक्ती चाल, रूम नं. 1, आनंद नगर, अप्पा पाड़ा,

कुरार विलेज, मालाड (पूर्व) मुंबई-400097

यह भी पढ़ें :-

Similar Posts

  • संगीत जीवन की मुस्कान | Sangeet jeevan ki muskan | Hindi chhand

    संगीत जीवन की मुस्कान ( Sangeet jeevan ki muskan ) जलहरण घनाक्षरी   वीणा की झंकार बजे, मधुर लगे संगीत। जीवन की मुस्कान है, सरगम संगीत का।   सुर लय तान प्यारी, मोहन धुन सुहानी। दिल को लुभाता प्यारा, मीठा तराना गीत का।   मन को खुशी देता है, आनंद से भर देता। महफिल महकाये,…

  • उपकार

    उपकार   भारत में हमें जन्म दिया , सबसे बङा तेरा उपकार। इसी पुण्य -भूमि पर , सदा लिया तुमने अवतार।।   सब जीवों में श्रेष्ठ बनाया, दिया सबकी रक्षा का भार। चौरासी का जो बंधन काटे , भव से तरने की पतवार।।   सूरज-चंदा दोनों मिलकर, स्वस्थ रखते ये संसार। समीर-भूमि इन दोनों पर,…

  • शब्दों का सफर | अहमियत

    शब्दों का सफर ( Shabdon ka safar )   अहमियत अहमियत उनको दो जो सच खातिर लड़ सके बात कहने का हौसला हो सच्चाई पे अड़ सके सच कहता हूं साथ देकर कभी नहीं पछताओगे जान की परवाह ना करें जो कीर्तिमान गढ़ सके जवाब ईट का जवाब हम पत्थर से देना जानते हैं। मेहमां…

  • अंतर्मन की बातें | Kavita

    अंतर्मन की बातें ( Antarman ki baatein )   अंतर्मन की बातें निकल जब, बाहर आती हैं। हर पल बदलती जिंदगी, कुछ नया सिखाती है।।   खुशी से हर्षित है ये मन, निशा गम की छा जाती है । कभी बिछुड़न बना है दर्द, मिलन से खुशियां आती है।।   कभी ऐसे लगे जीवन ,खुशनसीब…

  • भुखमरी की पीर | Bhukhmari par Kavita

    भुखमरी की पीर ( Bhukhmari ki peer )    भूखे नंगे लाचारों की नित पीर सुनाया करता हूं। मैं सत्ता के गलियारों में अलख जगाया करता हूं। जठराग्नि आग बन जाए भूखमरी हो सड़कों पे। मैं कलम की नोक से आवाज उठाया करता हूं। बेबस मासूम पीड़ा की तकदीर सुनाया करता हूं। कचरों में भोजन…

  • सुनो लड़कियों | Hindi Poem Suno Ladkiyon

    सुनो लड़कियों ( Suno ladkiyon )   हम मध्यम वर्गीय परिवार की लड़कियां नहीं भर सकती ऊचाईयों तक उड़ान अपनी इनके कांधे का वजह भारी होता है   क्यूंकि इन्हें लेकर चलना पड़ता है लड़की होने की मर्यादा रिश्तों और समाज के तानों बानों का बोझ   मगर हारती नहीं निरंतर जारी रखती हैं प्रयास…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *