नवरात्रि पर्व ( चैत्र ) पंचम दिवस

नवरात्रि पर्व ( चैत्र ) नवरात्रि पर्व ( चैत्र ) पंचम दिवस

भुवाल माता का स्मरण कर
देंगे सपनों को आकार
पायेंगे आस्था का आधार
मन की आश फलेगी
सुरभित सांस मिलेगी
आत्मा पर आत्मा के
शासन को विकसायेंगें
जीवन में सही से प्रामाणिक
व्यवहार को अपनायेंगे
अहंकार का सघन विलय करेंगे
विनम्र व्यवहार को धारेंगे
जीवन में धर्म हैं सहज कसौटी
जागरूक – व्यवहार जीवन
नैया में सदैव रखेंगे जिससे
तन में मन में निरन्तर
जागृति के संस्कार रहेंगे
अप्रमाद का अभ्यास होगा
सब सोल्लास बढ़ते जाएं
भुवाल माता का नाम हैं
परम – परम उल्लास
जन – जन में विश्वास ।
भुवाल माता का स्मरण कर
देंगे सपनों को आकार

प्रदीप छाजेड़
( बोरावड़)

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