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अपराजित यायावर हूँ मै | Kavita
ByAdminअपराजित यायावर हूँ मै ( Aparajit yayavar hoon main ) 1. अपराजित यायावर हूँ मै, जिसे चाह नही है मंजिल की। सारी दुनिया ही अपनी है, जहाँ रूका वही है मंजिल सी। 2. जितना मैं चाहता, उतना ही दूर तू जाती। लम्हा लम्हा खत्म होकर के खड़ी मुस्काती। वाह रे जिन्दगी….. भरोसा तेरा…

दिवाली बधाई हो बधाई | Hindi Diwali Kavita
ByAdminदिवाली : बधाई हो बधाई बधाई हो बधाई, दिवाली की शुभ घड़ी आई। बधाई हो बधाई, मेरे घर आंगन खुशियां लाई। बधाई हो…।।1।। फूलों की माला लेकर, नवरंग की रंगोली बनाई। फूलों से सज गए घर, लड्डू और मिठाई खाई। बधाई हो…।।2।। प्रकाश का यह त्यौहार, खुशियों की सौगात है आई। शुभ लाभ का…

श्री रतन टाटा जी को श्रध्दांजलि
ByAdminश्री रतन टाटा जी को श्रध्दांजलि देखो लोग कलयुग से आजसतयुग पुरुष की विदाई हो गई।जो जीता और मरता थाबस भारत देश के लिए।जिसने पिन और नामक से लेकरहवाई जहाज तक बनाकर दिखाया।ऐसे महान पुरुष श्री रतन कोश्रध्दा सुमन अर्पित करता हूँ।। जीवन का उनका जो लक्ष्य थाउसको उन्होंने सदा पूरा किया।मानवता की ह्रदय पर…

आस्तीन का सांप | Kavita aasteen ka sanp
ByAdminआस्तीन का सांप ( Aasteen ka sanp ) कोई भी नहीं बनना यह आस्तीन का सांप, दोस्त अपनें हृदय को रखना हमेशा साफ़। नहीं सोचना कभी भी बुरा किसी का आप, अपना या पराया एक बार तों करना माफ़।। जिसमें जो है खाता उसी मे छेद ना करना, अपना हो या पराया…

कवि की कविता | Kavita kavi ki
ByAdminकवि की कविता ( Kavi ki kavita ) अब हम भी लिखेंगें ऐसी कविता ख़ास, कर ली जो हमनें कक्षा मैट्रिक यह पास। ज्ञान विज्ञान और हिन्दी गणित के साथ, करेंगें अब हम साहित्यिक मंच विकास।। सीखा व्यंजन और सीखा स्वर का ज्ञान, सीखें हमने शब्द और इनके बहुत अर्थ। गद्य पद्य पाठ…

हे सरकार ! कुछ तो करो | Political kavita
ByAdminहे सरकार ! कुछ तो करो ( Hey sarkar kuch to karo ) हे सरकार! कुछ तो करो क्यूँ छोड़ दिया मरने को सड़कों और पटरियों पर दर-दर की ठोकरें खाने को खाने को तरसने को। हे सरकार! कुछ तो करो क्या बीत रही है उन गर्भवती और नव माताओं पर सड़कों पर…

