तुम मिलते या न मिलते एक स्टेट्स लगाते
तुम मिलते या न मिलते एक स्टेट्स लगाते

तुम मिलते या न मिलते एक स्टेट्स लगाते

( Tum Milte Ya Na Milte Ek Status Lagate )

 

तुम मिलते या न मिलते एक स्टेट्स लगाते।
मोबाइल के बहाने से हम तुम्हे देख पाते।।

 

मेसैजिंग   रेगुलर   करते  रिप्लाई  रेगुलर  जाता,
प्रेम के दुश्मन भी इसको कभी भी न समझ पाते।।

 

वीडियो काल से सारी समस्या हल सी हो जाती,
ट्वीट  करते  मेल करते पोस्ट भी लम्बी लगाते।।

 

एक मिस काल पर सौ वाइस काल हम करते,
प्रेम  के  दुश्मन  हाथ  मल  मल के पछताते।।

 

गज़ल कविता कहानी लेख सब तुम पर ही तो होते,
वाइस टाइपिंग होती अनलिमिटेड जीबी भरवाते।।

 

जरा  सी बात पर तुम ब्लाक करते फिर खोलते,
‘शेष’ मोबाइल दीप जला चांद के पार हम जाते।।

 

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कवि व शायर: शेष मणि शर्मा “इलाहाबादी”
प्रा०वि०-नक्कूपुर, वि०खं०-छानबे, जनपद
मीरजापुर ( उत्तर प्रदेश )

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