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व्यर्थ की सोच | Vyarth ki Soch
ByAdminव्यर्थ की सोच ( Vyarth ki soch ) लक्ष्य सर हटकर अलग एक दिन की भी व्यर्थ सोच कर सकती है भ्रमित आपको बहक सकते हैं गैर की संगत से बदल सकती है मार्ग की दिशा और आप जा सकते हैं अपने उद्देश्य सर दूर आपकी प्रमुखता आपसे नही आपके कर्म से ही होती…

अभी है वक्त | Abhi Hai Waqt
ByAdminअभी है वक्त ( Abhi hai waqt ) खौल उठना है खून ,जब देती है दिखाई नग्न ता वह सोच की हो या परिधान की या हो डूबती संस्कृति और सभ्यता पुरखों से मिली धरोहर को निगल रही यह आधुनिकता पुरुषत्व हीन हो रही नव पीढ़ी गांजा चरस अफीम की विविधता शर्म , लाज,…

तुम आओ तो, ईद हो जाये
ByAdminतुम आओ तो, ईद हो जाये न जाने कितनी बारपढ़ा है मैंने तुम्हारा चेहराखामोश-सी तुम्हारी आँखेइस बार तुम्हारी सदा कोएक अनुकृति से सजाया है मैंनेऔर—-देह को एक लिबास पहनाया हैकहो न, इस देह सेअब तो तोड़कर आ जायेसारी बंदिशे—-सारी जंजीरें—-सारे बंधन—-मेरे इस शहर,मेरी इस गली मेंऔर लाँघ जाओमेरे घर की चौखट को।साथ में लेकर आ…

कमल खिलाना ही होगा | Kamal
ByAdminकमल खिलाना ही होगा ( Kamal khilna hi hoga ) सकल जगत कल्याण हेतु तुमकों आगे आना होगा। हिन्दू हो हिन्दू के मन में, रिद्धंम जगाना ही होगा। भारत गौरव का इतिहास, पुनः दोहराना ही होगा। भय त्याग के हिन्दू बनकर, तुम्हे सामने आना होगा। दबी हुई गरिमा गौरव से, गर्त हटाना ही होगा।…

पावन तीर्थ धाम लोहार्गल | Kavita
ByAdminपावन तीर्थ धाम लोहार्गल ( Paawan tirth dham lohargal ) सुरम्य वादियों बीच में बसा लोहार्गल तीर्थ धाम अरावली पर्वतमालाये बहता सूर्यकुंड अविराम शेखावाटी का हरिद्वार जन मन जगाता है विश्वास श्रावण में सब कावड़ लाते शिव पूजे जाते खास सूर्य मंदिर संग पुरातन पांचो पांडव मंदिर जहां अस्त्र-शस्त्र विसर्जित किये…

रात ना होती | Raat na hoti | Kavita
ByAdminरात ना होती ( Raat na hoti ) मधुर ये बात ना होती, मधुर मुलाकात ना होती। धड़कनें थम गई होती, अगर ये रात ना होती। खिलती हुई सुबहें, सुहानी शाम मस्तानी। हसीं पल ये प्यारे लम्हे, रात हो गई दीवानी। सुहाने ये प्यारे जज्बात, दिलों की बात ना होती। हसरतें रह…

