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मैं अकेला | Kavita Main Akela
ByAdminमैं अकेला ( Main Akela ) अकेला हूँ पर अकेला नहीं मेरे साथ है तारो भरी रात चाँद की चाँदनी मुहँ पर आई झुर्रियां माथे पर पड़ी सकीन एक सुनसान रात में जब बिस्तर पर होता हूँ। घड़ी की सुईयों की आवाज भयभीत कर देती है मुझे झाड़ियों की झुण्ड की छाँव आवारा पशुओं की…

आईना | Aaina kavita
ByAdmin“आईना” ( Aaina : kavita ) –> सच्चाई का प्रतीक है “आईना” || 1.सब कहते हैं सच्चा-झूँठा, किस पर यकीन करें | देख कर चेहरा बातें करते, किस पर यकीन करें | किसके दिल मे क्या रहता, कुछ पता नहीं चलता है | एक आईना झूँठा न बोले, जो सच है सो कहता है |…

अनुपम खेर | Anupam Kher par kavita
ByAdmin“अनुपम” खेर ( Anupam Kher ) –> क्या उपमा दूँ मैं “अनुपम” की …….|| 1. हैं अनुपम जी खुशहाल बडे,इन्डस्ट्री मे नाम अमर उनका | सूट करे किरदार कोई भी,आवाज बुलंद हुनर उनका | है सिर पर हांथ माँ दुलारी का,आशीष सदा बरसाती है | खट्टी-मीठी सी नोक-झोंक,सबके मन को हर्षाती है | –> क्या…

शोहरतों का परचम | Poem shohraton ka parcham
ByAdminशोहरतों का परचम ( Shohraton ka parcham ) कीर्ति पताका यशस्वी हो जीवन संवार लीजिए। अपनापन अनमोल बांटकर सबको प्यार कीजिए। शोहरतों का परचम लहरे शुभ काम हमारा हो। मुस्कानों के मोती सबको बहती नेह की धारा हो। प्रीत बगिया खिल जाए सद्भावों से जी लीजिए। दिलों में चर्चा आपकी अहमियत सबको…

अभिलाषा | Abhilasha kavita
ByAdmin“अभिलाषा” ( Abhilasha ) चाह बहुत मनमंदिर मे भारत वीरो का गान करूं उनकी त्याग तपस्या का सदा मान सम्मान करूं श्रद्धा सुमन से ईश्वर की निसादिन करूं मैं पूजा भक्ति भाव में जो सुख पाऊं और कहां है दूजा दिल मे ईच्छा गुरु चरणों में बना रहे मेरा ध्यान शून्य ह्रदय…

ईश्वर को तू अपना बना ले | Ishwar ko tu Apna Bana le
ByAdminईश्वर को तू अपना बना ले ( Ishwar ko tu apna bana le ) मौत को गले लगाने से बेहतर अपनो को लगा ले, माँ बाप के साथ भी थोड़ा वक्त बिता ले, चाहे ना समझे तूझे, ये पूरी दुनियां, एक काम कर, “ईश्वर” को बस तू अपना बना ले, मत डर तानों से,…

