Ek Maa Ki Bebasi

एक मां की बेबसी | Kavita

एक मां की बेबसी

( Ek Maa Ki Bebasi )

विकल्प नहीं है कोई
देखो विमला कितना रोई
सुबककर दुबककर
देख न ले कोई
सुन न ले कोई
उसकी पीड़ा अनंत है
समाज बना साधु संत है
जानकर समझकर भी सब शांत हैं
किया कुकृत्य है शोहदों ने
जिनके बाप बैठे बड़े ओहदों पे
सुधि ले रहा न कोई
आखिर ऐसा कब तक होगा
एक बेटी की जिंदगी से हुआ खिलवाड़
रौंदी गई सरेराह
इज्जत हुई तार तार
विमला सोच रही छोड़ने को घर बार
ले बेटी को जाए कहां?
कोई ऐसी जगह भी नहीं जानती
ना ही किसी ऐसे ग्रह का ही है पता
जहां किसी बेटी के साथ ऐसा नहीं होता!

?

नवाब मंजूर

लेखक-मो.मंजूर आलम उर्फ नवाब मंजूर

सलेमपुर, छपरा, बिहार ।

यह भी पढ़ें : –

भूख | Safalta ki Bhookh par Kavita

Similar Posts

  • मैं अकेला | Kavita Main Akela

    मैं अकेला ( Main Akela ) अकेला हूँ पर अकेला नहीं मेरे साथ है तारो भरी रात चाँद की चाँदनी मुहँ पर आई झुर्रियां माथे पर पड़ी सकीन एक सुनसान रात में जब बिस्तर पर होता हूँ। घड़ी की सुईयों की आवाज भयभीत कर देती है मुझे झाड़ि‌यों की झुण्ड की छाँव आवारा पशुओं की…

  • आईना | Aaina kavita

    “आईना” ( Aaina : kavita ) –> सच्चाई का प्रतीक है “आईना” || 1.सब कहते हैं सच्चा-झूँठा, किस पर यकीन करें | देख कर चेहरा बातें करते, किस पर यकीन करें | किसके दिल मे क्या रहता, कुछ पता नहीं चलता है | एक आईना झूँठा न बोले, जो सच है सो कहता है |…

  • अनुपम खेर | Anupam Kher par kavita

    “अनुपम” खेर ( Anupam Kher )  –> क्या उपमा दूँ मैं “अनुपम” की …….|| 1. हैं अनुपम जी खुशहाल बडे,इन्डस्ट्री मे नाम अमर उनका | सूट करे किरदार कोई भी,आवाज बुलंद हुनर उनका | है सिर पर हांथ माँ दुलारी का,आशीष सदा बरसाती है | खट्टी-मीठी सी नोक-झोंक,सबके मन को हर्षाती है | –> क्या…

  • शोहरतों का परचम | Poem shohraton ka parcham

    शोहरतों का परचम ( Shohraton ka parcham )   कीर्ति पताका यशस्वी हो जीवन संवार लीजिए। अपनापन अनमोल बांटकर सबको प्यार कीजिए।   शोहरतों का परचम लहरे शुभ काम हमारा हो। मुस्कानों के मोती सबको बहती नेह की धारा हो।   प्रीत बगिया खिल जाए सद्भावों से जी लीजिए। दिलों में चर्चा आपकी अहमियत सबको…

  • अभिलाषा | Abhilasha kavita

    “अभिलाषा” ( Abhilasha )   चाह बहुत  मनमंदिर मे भारत वीरो का गान करूं  उनकी त्याग तपस्या का सदा मान सम्मान करूं    श्रद्धा सुमन से ईश्वर की निसादिन करूं मैं पूजा  भक्ति भाव में जो सुख पाऊं और कहां है दूजा   दिल मे ईच्छा गुरु चरणों में बना रहे मेरा ध्यान शून्य ह्रदय…

  • ईश्वर को तू अपना बना ले | Ishwar ko tu Apna Bana le

    ईश्वर को तू अपना बना ले ( Ishwar ko tu apna bana le )   मौत को गले लगाने से बेहतर अपनो को लगा ले, माँ बाप के साथ भी थोड़ा वक्त बिता ले, चाहे ना समझे तूझे, ये पूरी दुनियां, एक काम कर, “ईश्वर” को बस तू अपना बना ले, मत डर तानों से,…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *