लहर कोरोना की

Kavita | लहर कोरोना की

लहर कोरोना की

( Lahar Corona Ki )

 

सूनी गलियां सूनी सड़कां
सुनो सब व्यापार है
गाइडलाइन रो पालण कारणों
सौ बाता रो सार है

 

कवै डागदर बचकर रहणो
भीषण ई बीमारी सूं
मौत को तांडव छारयो है
कोरोना महामारी सूं

 

दूरी राखो आपस म
मुंह पर मास्क जरूरी है
प्रशासन सचेत कररयो
रखणी तैयारी पूरी है

 

सर्दी खांसी जुकाम बुखार
सांस फूलती जावै तो
फट डागदर शरण होल्यो
जी थारो घबरावै तो

 

सावधानी सारी राखो
हाथां न धोओ बार बार
एक नई खबर बण ज्यासी
पढ़ न सकोगा फिर अखबार

 

हिम्मत जुटाकर आपां न
महामारी सूं लड़णो है
कोरोना योद्धा सगळा रो
बुलंद हौसलों कारणों है

?

कवि : रमाकांत सोनी

नवलगढ़ जिला झुंझुनू

( राजस्थान )

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