आपकी तस्वीर पर

आपकी तस्वीर पर | Aapki Tasveer Par

आपकी तस्वीर पर

( Aapki Tasveer Par )

लीजिए ऐ रश्के जन्नत आपकी तस्वीर पर।
लिख दिया हमने मुह़ब्बत आपकी तस्वीर पर।

आप से कैसे कहें हम शर्म आती है हमें।
दिल फ़िदा है जाने राह़त आपकी तस्वीर पर।

दिल लगाने के लिए है दिल लगाना चाहिए।
लोग करते हैं सियासत आपकी तस्वीर पर।

जान जाए या रहे अब कोई भी परवा नहीं।
हमने रखदी दिल की दौलत आपकी तस्वीर पर।

आपका ह़ुस्न-ए-मुजस्सम देखकर जान-ए-अदा।
रश्क करती है नज़ाकत आपकी तस्वीर पर।

देखते ही यह ख़याल आता है दिल में बाख़ुदा।
डाल दें हम रंग-ए-उल्फ़त आपकी तस्वीर पर।

ज़ह्नो दिल क्यों कर न अपने मुस्कुराएं ऐ फ़राज़।
बिखरा है रंग-ए-ज़राफ़त आपकी तस्वीर पर।

सरफ़राज़ हुसैन फ़राज़

पीपलसानवी

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