Agnipath par Agniveer

अग्निपथ पर अग्निवीर | Agnipath par Agniveer

अग्निपथ पर अग्निवीर

( Agnipath par agniveer ) 

 

भारतीय सेना के तीनों अंगों में युवाओं की भर्ती,
४६ हजार नव-युवक होंगे हर साल में यह भर्ती।
बेहतर प्रदर्शन वालों को होगा स्थाई ‌का अवसर,
पदक-सम्मान भी मिलेगा नौजवानों देखो भर्ती।।

अब कहने को कोई शब्द नही आज हमारे पास,
ख़्वाब सबका पूरा होगा और होगा देश विकास।
जवानों की अब नियुक्ति होगी नियम बना ख़ास,
देश के प्रहरी बनकर करेंगें अब नवयुवा प्रकाश।।

ना खेत बिकेगा ना बिकेगा किसी का खलिहान‌,
अग्निपथ पर चलकर वीर होगा ज़रुर खुशहाल।
चार वर्षों की सेवा और चालीस हजार का वेतन,
बेरोजगारी मिटाने के लिए योजना है फिलहाल।।

सत्रह से इक्कीस वर्ष बीच रखी गई आयु सीमा,
ऐसे-अभ्यार्थी ले सकते प्रतिभाग करके ज़िम्मा।
छः माह की ट्रेनिंग भी है इस ४ साल मे शामिल,
इसके बाद ही लेना है अब सीमाओं का ज़िम्मा।।

देश-सेवा करने का मिलेगा इससे यह सुअवसर,
सेवा समाप्ति के उपरान्त मिलेगा पैसा जमकर।
सबसे बड़ा फायदा असम राइफल्स ज्वाइंन का,
१२ लाख की राशि सर्टिफिकेट मिलेगा बनकर।।

 

रचनाकार : गणपत लाल उदय
अजमेर ( राजस्थान )

Similar Posts

  • आओ हम सब दीप जलाएं

    आओ हम सब दीप जलाएं आओ हम सब दीप जलाएं पहला घट में दूजा घर में ।अंधकार किसी तरह की रह ना पाए सभी नारी-नर में।। लक्ष्मी गणेश वंदना से पहले सुकर्मों को आत्मसात करें,उनका आचरण प्रदर्शित हो कुछ तो हम सबके कर में । राम से पहले लक्ष्मण,भरत,शत्रुघ्न, हनुमान बनें हम ,तब भवसागर पार…

  • और कितना गिरेगा तू मानव | Mannav kavita

    और कितना गिरेगा तू मानव ? *****   और कितना गिरेगा तू मानव? दिन ब दिन बनते जा रहा है दानव। कभी राम कृष्ण ने जहां किया था दानवों का नाश! उसी भूमि के मानवबुद्धि का हो रहा विनाश। जहां बुद्ध ने दानवों को भी मानवी पाठ पढ़ाए थे, अष्टांगिक मार्ग पर चलना सिखाए थे।…

  • जीवन-भाग-2

    जीवन-भाग-2 हारना कब जितनाकब मौन रखना कबबोलना कब संतुलितहोंना कब विनम्रतापूर्वकपेश आना आदि – आदितब कहि जाकर हमइस जीवन रूपी नोकाको पार् पहुँचाने कीकोशिश कर सकते हैअतः हमनें आवेश मेंअपने आप को समनही रखा और अनियंत्रितहोकर बिना सोचें आक्रमकहोकर कुछ गलत सब्दोंका प्रयोग कर दिया तोइस जीवन रूपी नोका कोटूटने से वह डूबने से कोईभी…

  • ईश्वर की मर्जी | Kavita Ishwar Ki Marzi

    ईश्वर की मर्जी ( Ishwar Ki Marzi )     ईश्वर  की  मर्जी  के आगे, कहाँ  किसी  की चलती है। विधि मिटे ना भाग्य बदलता, होनी  तो होकर रहती हैं।   सीता हरण हुआ राघव का,वधू वियोग पहले से तय था, दश आनन को मारा जाना, राम के हाथों ही निश्चय था।   श्रवण मरे…

  • अब कलम लिखे किसकी जयगान

    अब कलम लिखे किसकी जयगान जब हुआ सबेरा खून खराबा इसी में रहता है जग सारा, वेद मंत्र सब धरे धरा पर नहीं करे कोई गुणगान | अब कलम लिखे ———–! रक्षक, भक्षक बनकर जीता अरमानों के अश्क़ को पीता, माली रौंदे अपनी बगिया गा गाकर पूरबी तान | अब कलम लिखे———! एक चमन है…

  • Hindi Poetry On Life | Hindi Geet -चलते चलते हुए रुक जाऊं

    चलते चलते हुए रुक जाऊं  (Chalte Chalte Hue Ruk Jaoon )   चलते चलते मैं रुक जाऊं तो तुम मत घबराना मीत   याद हमारी आएगी तो आंसू नहीं बहाना मीत।   हम दोनों का प्यार पुराना पावन निर्मल निश्चल है   हृदय एक है प्राण एक है दोनों में ही मन का बल है…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *