Ahankar aur Vishwas

अहंकार और विश्वास | Ahankar aur Vishwas

अहंकार और विश्वास

( Ahankar aur vishwas ) 

 

अहंकार और विश्वास में, जमीं आसमां का फर्क

उर तरंग नित्य पावन,
निज शक्ति अवबोध ।
व्यक्तित्व धारण नम्रता,
नेह झलक कृतित्व शोध ।
स्व श्रद्धा शुचिता प्रसून,
घमंड विलोपन जीवन अर्क ।
अहंकार और विश्वास में, जमीं आसमां का फर्क ।।

दर्प फलन अनैतिकता,
कर्म धर्म दर्शित दुर्राचार ।
ईमानदारी आवरण माला,
उरस्थ फलित भ्रष्टाचार ।
उपेक्षित हतोत्साहित मौलिकता,
व्यवहार संवाद पथ कर्क ।
अहंकार और विश्वास में, जमीं आसमां का फर्क ।।

आत्मकेंद्रित विकास चिंतन,
परहित कामकाज दूरी ।
प्रदर्शन अथाह आदर्शवादिता,
पर राष्ट्र समाज सेवा अधूरी ।
निज कल्पना बिंब स्वर्ग सम,
पर जीवन दुःख कष्ट मर्क ।
अहंकार और विश्वास में, जमीं आसमां का फर्क ।।

आत्मनिष्ठा सह नित अर्जन,
उमंग उल्लास श्री विजय ।
मद भाव सदा अभिशिप्त,
सुनिश्चित ह्रास पराजय ।
स्व अवलंब ज्योति राममय,
दंभ अभिमान रावण सर्क ।
अहंकार और विश्वास में ,जमीं आसमां का फर्क ।।

 

महेन्द्र कुमार

नवलगढ़ (राजस्थान)

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