बहुत खूबसूरत हैं ये यादें

बहुत खूबसूरत हैं ये यादें

बहुत खूबसूरत हैं ये यादें

इंतजार उनका करने की कुछ ऐसी आदत पड़ी है।
जानते हैं कि नहीं आएंगे वो, फिर भी द्वार पर नज़र गड़ी है।

रह रह कर राह तकते हैं, आए नहीं वो यादों से निकलकर।
लग रहा है थक गई है घड़ी भी चल‌ चलकर।

उम्र गुजर गई पर खुद को समझा ना सके।
उम्र तो नहीं थे तुम कि लौट के आ ना सके।

अतीत की यादों से उन्हें कैसे कोई बुलाएगा।
यादों में उनकी यादों को ही साथ पाएगा।

यादों से ही सीख रहे हैं साथ निभाने की अदा।
साथ नहीं रहे जो उनको भी साथ रखतीं हैं सदा।

बीत गया सो बीत गया वापिस फिर ना आएगा।
वक्त ही है जनाब अपना हुनर तो दिखाएगा।

बहुत खूबसूरत हैं ये यादें, पर सिर्फ यादों में कब तक रहा करें।
कभी तो यादों से बाहर निकलकर हमसे भी मिला करें।

फिर एक बार दिल दुखाने को, रुलाने को चले आओ।
इंतज़ार कब तक करते रहें ये बताने को ही चले आओ

शिखा खुराना

शिखा खुराना

यह भी पढ़ें :-

ये बारिशें | Kavita Ye Baarishein

Similar Posts

  • मन की उलझन | Man ki Uljhan

    मन की उलझन ( Man ki Uljhan ) मन को क्यों,उलझाना भाई ? मन से नहीं है ,कोई लड़ाई । मन की उलझन ,को सुलझायें । गांठ सभी अब ,खुल ही जायें । लायें बाहर अब, गुबार सारे । जिससे मिटें ,संताप हमारे । मन को , जितना उलझायेंगे । उतना कष्ट , हम ही…

  • Hindi Kavita On Life | Hindi Kavita -मुसाफिर

    मुसाफिर ( Musafir ) … मुसाफिर तंन्हा हूँ मै, साथ चलोगे क्या, तुम  मेेरे। है मंजिल दूर, सफर मुश्किल , क्या साथ चलोगे मेरे। यही है डगर, एक मंजिल है तो फिर, साथ चलो ना, सफर कट जायेगा दोनो का, हमसफर बनोगे मेरे। … करेगे दुख सुख की बातें, बातों से खनक बढेगी। हमारे दिल…

  • त्यौहार है खुशियों का

    त्यौहार है खुशियों का त्यौहार है खुशियों काजब सारे रंग मिलते हैंउल्लास हर्ष उमंग से सब गले मिल जाते हैंगुजिया पूरी पकौड़ी खीरहर घर को महकाते हैं है त्यौहार है खुशियों काजब सारे रंग मिल जाते हैंहै यह एक दिन जोसब एक जैसे हो जाते हैंरंग रूप भेदभावजैसे धरती से खो जाते हैं है त्यौहार…

  • एक मुहिम चलाएं | Positive kavita

    एक मुहिम चलाएं ( Ek muhim chalaye )      एक मुहिम चलाऐं सबको अपना मीत बनाने की। सब मिलकर शुरुआत करेंगे ऐसी रीत चलाने की।।   बदले वाली भावना सब को, मन से दूर भगानी है। प्रेम बढ़े जिसे आपस में, ऐसी अलख जगानी है।। चाहत मेरी है प्रेम जगाने वाला गीत सुनाने की।…

  • फूल और कांटे | Kavita Phool Aur Kaante

    फूल और कांटे! ( Phool Aur Kaante )    मत बेचो रोशनी अपने मकान की, कुछ तो लाज रखो दुनिया जहान की। मिसाइलों की भृकुटी चढ़ा रखा है वो, कुछ तो ख्याल कर मेरे आसमान की। अनजान बन के मत बर्बाद कर उसे, कर कुछ कद्र यू.एन.ओ.के जुबान की। आदमी से इंसान बनना बड़ा मुश्किल,…

  • रामजी के गाँव रे | Ram ji Ke Gaon

    रामजी के गाँव रे ( Ram ji ke gaon re )    चला चली धनिया ई माटी कै नाव रे, होई जाई बेड़ा पार रामजी के गाँव रे। फल,फूल,मेवा,नरियल,उहाँ हम चढ़ाईब, सरयू नदी में दूनों डुबकी लगाईब। जनम -जनम से उनसे आपन लगाव रे, होई जाई बेड़ा पार रामजी के गाँव रे। चला चली धनिया…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *