Hindu Nav Varsh

हिंदू नव वर्ष | Kavita Hindu Nav Varsh

हिंदू नव वर्ष

( Hindu Nav Varsh )

 

मोहक पल्लव सुगंधि, पिंगल के अभिनंदन में

चैत्र मास शुक्ल प्रतिपदा,
अद्भुत अनुपम विशेष ।
नव सत्संवर अनूप बेला,
रज रज आनंद अधिशेष ।
धरा गगन पुनीत पावन,
जनमानस रत साधना वंदन में ।
मोहक पल्लव सुगंधि, पिंगल के अभिनंदन में ।।

प्रकृति अंतर यौवन उभार,
खेत खलिहान स्वर्ण परिधान ।
आंगन ओसारे नवधान्य पूर्ण,
वृक्ष पुष्पित मृदुल आह्वान ।
गुड़ी पड़वा उगादी वासंतीय नवरात्र,
शुभ मुहूर्त उत्तमता स्पंदन में ।
मोहक पल्लव सुगंधि, पिंगल के अभिनंदन में ।।

ब्रह्मा जी अद्य प्रवरा तिथि ,
सृष्टि सृजन अप्रतिम काज ।
शक विजय स्मृति अभिव्यंजना,
विक्रमादित्य विक्रम संवत आगाज ।
उत्सविक आह्लाद परिवेश उत्संग,
चेतना स्फूर्त हिंदुत्व आभा मंडन में ।
मोहक पल्लव सुगंधि, पिंगल के अभिनंदन में ।।

2081 अनुपमा अति शुभकारी,
सर्वत्र अनंत सुख समृद्धि वैभव ।
राष्ट्र प्रगति दिव्य भव्य अतुलित,
बाधा संघर्ष पटल विजय भव ।
राम लला सूर्य अभिषेक पर्व,
समग्र प्रयास सनातन ओज मंथन में
मोहक पल्लव सुगंधि, पिंगल के अभिनंदन में ।।

महेन्द्र कुमार

नवलगढ़ (राजस्थान)

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