शब्दाक्षर राजस्थान के तत्वावधान में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ काव्य अनुष्ठान
शब्दाक्षर राष्ट्रीय साहित्यिक संस्था राजस्थान के तत्वावधान में गायत्री मंदिर परिसर में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ विषय पर काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता शब्दाक्षर राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष प्रसि़द्ध वरिष्ठ चिकित्सक डाॅ दयाशंकर जांगिड ने की। मुख्य अतिथि सह प्रांतपाल रामावतार सबलानिया थे।
विशिष्ट अथिति डाॅ कैलाश शर्मा सीताराम वर्मा सीताराम घोड़ेला थे। शब्दाक्षर राष्ट्रीय अध्यक्ष रवि प्रताप सिंह ने दूरभाष पर सबको बधाई दी और कहा कि साहित्यकारों को ऐसे आयोजन करते रहना चाहिये। उन्होने बताया कि बेटियां पढ़ लिखकर देश की उन्नति में योगदान कर राष्ट्र गौरव बढ़ाती है राष्ट्र की धरोहर सभ्यता संस्कारों को संजोये रखती है।
डाॅ कैलाश शर्मा ने मां शारदे की वंदना की। मुख्य अतिथि रामावतार सबलानिया ने कहा कि ऐसे आयोजन से साहित्य व समाज में नव उर्जा का संचार होता है। शब्दाक्षर प्रदेश अध्यक्ष डाॅ दयाशंकर जांगिड ने कहा कि देश की तरक्की के लिए महिला व पुरूष बराबर होना जरूरी है बेटियों की हत्या गर्भ में नहीं होनी चाहिये।
इससे देश में अराजकता फैलती है। कुछ वर्षो पहले कन्या भ्रूणहत्या बहुत हो गई थी जिसके कारण लिंग अनुपात गड़बड़ा गया था। सरकारी प्रयत्नों व सामाजिक संस्थाओं के अभियान जनजागरण से अब यह अनुपात लगभग बराबर हुआ है।
यह संतुलन बना रहना चाहिये। बेटियां किसी से कम नहीं है वे दो परिवारों को रोशन करती है खुशी की बात है कि आजकल लोग बेटियों को पढ़ाते है और वे बेटो से भी पढ़ाई खेलकूद आदि मे आगे है। संस्था द्वारा बेटियों के जन्म पर उनके मातापिता का सम्मान किया जाता है।
काव्य गोष्ठी में शब्दाक्षर राष्ट्रीय साहित्यिक संस्था के जिलाध्यक्ष कवि रमाकांत सोनी ने ‘‘क्या हश्र होगा उनका जो बेटी को मरवाते है, बेटों की चाहत मे कितनी मासूम जिंदगी गंवाते है’’ सुनाकर सबका मन जीत लिया।
डाॅ कैलाश शर्मा सुरेश कुमार जांगिड़ महेन्द्र कुमावत संत कुमार सोनी श्रीकांत पारीक सज्जन जोशी ओमप्रकाश सैन पंकज शाह ने बेटियों की गरिमा में सरस कविता पाठ कर समां बांधा।
इस अवसर पर सुरेन्द्र ख्यालिया रिद्धकरण बासोतिया अनिल बिरोलिया नेमीचंद चोबदार अशोक पूनिया आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन कवि रमाकांत सोनी ने किया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।
यह भी पढ़ें :-







