बीएल भूरा की कविताएं | BL Bhura Poetry

युवा पीढ़ी आज का भविष्य है


उनके कंधों पर समाज की उम्मीदें हैं।
उनके सपनों को पूरा करना हमारा कर्तव्य है।

युवाओं में ऊर्जा और उत्साह का संचार है,
वे समाज को नई दिशा देने की क्षमता रखते हैं।
उनके पास समाज की समस्याओं का समाधान है।

युवा पीढ़ी आज की सबसे बड़ी ताकत है,
वे समाज को आगे बढ़ाने के लिए तैयार हैं।
उनके साथ मिलकर समाज का भविष्य बनाएं।

युवाओं को शिक्षा और अवसर प्रदान करें,
उनकी प्रतिभा को पहचानें और उन्हें बढ़ावा दें।
उनके सपनों को पूरा करने में मदद करें।

युवा पीढ़ी को समाज की जिम्मेदारी सौंपें,
उनके हाथों में समाज का भविष्य
उनके साथ मिलकर समाज को नई ऊंचाइयों पर ले जाएं।

युवाओं की ऊर्जा और उत्साह को पहचानें,
उनकी प्रतिभा को बढ़ावा दें और उन्हें समर्थन दें।
उनके सपनों को पूरा करने में मदद करें।

युवा पीढ़ी को समाज की उम्मीदें हैं,
उनके कंधों पर समाज का भविष्य है।
उनके साथ मिलकर समाज को नई दिशा दें।

युवाओं को अवसर प्रदान करें और उन्हें बढ़ावा दें,
उनकी प्रतिभा को पहचानें और उन्हें समर्थन दें।
उनके सपनों को पूरा करने में मदद करें।

जागृत करें समाज हेतु जीने की चाह।

जन्म लेने वाले और जन्म देने वाले,
दोनों को रहते हैं जी जीने की चाह।
सृष्टि के रचयिता मायवीय जीवन दे,
हमारे अंदर भरे हैं जी जीने की चाह।।

मिलता प्राकृतिक स्वरूप में ही हमें,
वायु,जल,भोजन संग जीने की राह।
यह हीरा जनम अनमोल यह समझ,
हमारे अंदर उपजते हैं जीने की चाह।।

लख चौरासी में श्रेष्ठ मनुष्य जन्म है,
ये नेक विचार दिखाये जीने की राह।
औरों की खुशी हेतु ज़ीने की अदा से,
बढ़ते हैं हमेशा हमारे जीने की चाह।।

ये जीवन है स्नेहिल रिश्तों का बंधन,
मोह-माया के संयोग में आपसी चाह।
जन्म जन्मांतर के संबंध बनें यहीं पे,
जिसे देख ही आते हैं जीने की चाह।

आदिवासी संस्कृति-धर्म में है संस्कार,
जिसमें समाहित बस जीने की राह।
मनुष्य प्रकृति व जीवों के कल्याण,
ये कृत्य प्रेरित करते जीने की चाह।

पश्चिमी सभ्यता-भौतिकता के होड़,
चकाचौंध सा दिखाते जीने की राह।
तड़क-भड़क माया-जाल से मोहित,
जन को बहुत भाते जीने की चाह।

युवक-युवती में बढ़ रहे हैं अवसाद,
अपराध, नशा से ग्रसित करे हैं तबाह।
पालक गण चिंतित करे हैं मशविरा,
कैसे जगाऍं इनमें रे जीने की चाह।

गुमराह हैं आज के शिक्षा से नवांकुर,
समाज शिक्षा में सार जीने की राह।
भूरा अब संस्कारी शिक्षा- दीक्षा से,
जागृत करें सभी हेतु जीने की चाह।

शत् शत् प्रणाम

 माँ भारती के लाल तुम्हे शत शत प्रणाम

 हिन्द कि हिफाजत में तुम हो गये कुर्बान

 नही है ईस जहा में कोई तुम सा बलवान

देश हित के खातिर दे दी है तुमने जान

मॉ भारती के लाल तुम्हे शत शत प्रणाम

करते हो तुम निगरानी देश के सरहदो कि

घूस जाये ना सिमा पर फिर कोई नापाक

तुम से ही तो है ईस तिरंगे कि शान

माँ भारती के लाल तुम्हे शत शत प्रणाम

चिता जैसी चाल तुम्हारी चील जैसी आँख

 कापते है तुमसे थर थर घुसपैठी नापाक

 भेद दो एक छण में कर दो इंकलाब

मॉ भारती के लाल तुम्हे शत शत प्रणाम

हिन्द कि हिफाजत में तुम हो गए कुर्बान

एक वृक्ष भी बचा रहे

अंतिम समय जब कोई नहीं जाएगा साथ
एक वृक्ष जाएगा

अपनी गौरैयों-गिलहरियों से बिछुड़कर

साथ जाएगा एक वृक्ष

अग्नि में प्रवेश करेगा वही मुझ से पहले ‘कितनी लकड़ी लगेगी’

शमशान की टालवाला पूछेगा ग़रीव मे ग़रीब भी मात मन तो लेता ही है

लिखता हूँ अंतिम इच्छाओं में कि बिजली के दाघर में हो मेरा संस्कार ताकि मेरे बाद

एक बेटे और एक बेटी के साथ

एक वृक्ष भी बचा रहे संमार में।

वीर सैनिकों की शहादत

वीर सैनिकों की शहादत पर सारी आंखें नम हैं
देश मे आक्रोश की लहर और वयाप्त गम शो हैं
वीरों ने दिखा दिया अदम्य साहस और दम है

आपकी कुर्बानियों की बदौलत जी रहे सब हम हैं
भारतीय सेना मे कमाल का पराक्रम है

चुनौतियों से जूझना और शत्रुओं को करना खत्म है

अजब का हौंसला गजब का दमखम है

शत्रु का सफाया करना वीर जवानों का कर्म है
राष्ट्र भक्ति देश की रक्षा हमारा धर्म है खून हमारा ठंडा नहीं

सदा रहता गर्म है किसी से डरते नहीं आत्मरक्षा हेतु सक्षम हैं

हम को कमजोर समझना मात्र तुम्हारा भ्रम हे।
हमें अपने जवानों की शहादत पर गर्व है

शहादत का पी कर प्याला, पा लिया वीरत्व है

आप की ही बदौलत राष्ट्र का अस्तित्व है

आप देश के नायक और विराट वयक्तित्व हैं।

शब्द

शब्द रचे जाते हैं,
शब्द गढ़े जाते हैं,
शब्द मढ़े जाते हैं,
शब्द लिखे जाते हैं,
शब्द पढ़े जाते हैं,
शब्द बोले जाते हैं,
शब्द तौले जाते हैं,
शब्द टटोले जाते हैं,
शब्द खंगाले जाते हैं,
… इस प्रकार
शब्द बनते हैं,
शब्द संवरते हैं,
शब्द सुधरते हैं,
शब्द निखरते हैं,
शब्द हंसाते हैं,
शब्द मनाते हैं,
शब्द रुलाते हैं,
शब्द मुस्कुराते हैं,
शब्द खिलखिलाते हैं,
शब्द गुदगुदाते हैं,
शब्द मुखर हो जाते हैं
शब्द प्रखर हो जाते हैं
शब्द मधुर हो जाते हैं
… इतना होने के बाद भी
शब्द चुभते हैं,
शब्द बिकते हैं,
शब्द रूठते हैं,
शब्द घाव देते हैं,
शब्द ताव देते हैं,
शब्द लड़ते हैं,
शब्द झगड़ते हैं,
शब्द बिगड़ते हैं,
शब्द बिखरते हैं
शब्द सिहरते हैं
… परन्तु
शब्द कभी मरते नहीं
शब्द कभी थकते नहीं
शब्द कभी रुकते नहीं
शब्द कभी चुकते नहीं
… अतएव
शब्दों से खेले नहीं
बिन सोचे बोले नहीं
शब्दों को मान दें
शब्दों को सम्मान दें
शब्दों पर ध्यान दें
शब्दों को पहचान दें
ऊंची लंबी उड़ान दें
शब्दों को आत्मसात करें
उनसे उनकी बात करें,
शब्दों का अविष्कार करें
गहन सार्थक विचार करें
… क्योंकि
शब्द अनमोल हैं
ज़ुबाँ से निकले बोल हैं
शब्दों में धार होती है
शब्दों की महिमा अपार होती है
शब्दों का विशाल भंडार होता है
और
… सच तो यह है कि
शब्दों
का
भी
अपना
*एक संसार होता है।
शब्दों को
सम्मान दें

टोपी,साफा

( पटेलिया आदिवासी समाज )

मुझे भाती हैं सदा ही टोपी
मुझे लुभाती हैं तरह-तरह सफेद रंग की टोपियाँ !

इनको पहनते ही
देश-पटेलिया समाज की संस्कृति का
आता है खयाल,
कभी मध्यप्रदेश, कभी गुजरात
कभी राजस्थान ।
राजस्थानी बांरा जिला पगड़ी की शान
क्या कहिये,
धार, इन्दौर, देवास, दमोह मालवा साफा बाँध सीना तान रहिये,
पश्चिमी पहाड़ी अलीराजपुर मध्यप्रदेश टोपियों की है बात है निराली,
गुना, रतलाम, छतरपुर, श्योपुर, शिवपुरी,कुछ टोपियाँ हैं समाज संस्कृति
सिखलाने वाली!
पटेलिया समाज की टोपी होती कुछ अलग,
दाहोद, झाबुआ अलीराजपुर की टोपी बड़़ी प्यारी और शुभग!

बस बदली टोपी और रूप बदल गया…
एक भरी-पूरी संस्कृति का
जादू सब पर चल गया !
भरती हैं जोश, उल्लास
और उमंग…
टोपियों से जीवन में आता है अनूठा रंग !

बड़ी बेशकीमती हैं हमारी टोपी, इन्हें सम्भालिये!
बन न जायें विश्वास का पर्याय, जरा विवेक को खंगालिये !

युवा पीढ़ी आज का भविष्य है

युवा पीढ़ी आज का भविष्य है।
उनके कंधों पर समाज की उम्मीदें हैं।
उनके सपनों को पूरा करना हमारा कर्तव्य है।

युवाओं में ऊर्जा और उत्साह का संचार है,
वे समाज को नई दिशा देने की क्षमता रखते हैं।
उनके पास समाज की समस्याओं का समाधान है।

युवा पीढ़ी आज की सबसे बड़ी ताकत है,
वे समाज को आगे बढ़ाने के लिए तैयार हैं।
उनके साथ मिलकर समाज का भविष्य बनाएं।

युवाओं को शिक्षा और अवसर प्रदान करें,
उनकी प्रतिभा को पहचानें और उन्हें बढ़ावा दें।
उनके सपनों को पूरा करने में मदद करें।

युवा पीढ़ी को समाज की जिम्मेदारी सौंपें,
उनके हाथों में समाज का भविष्य
उनके साथ मिलकर समाज को नई ऊंचाइयों पर ले जाएं।

युवाओं की ऊर्जा और उत्साह को पहचानें,
उनकी प्रतिभा को बढ़ावा दें और उन्हें समर्थन दें।
उनके सपनों को पूरा करने में मदद करें।

युवा पीढ़ी को समाज की उम्मीदें हैं,
उनके कंधों पर समाज का भविष्य है।
उनके साथ मिलकर समाज को नई दिशा दें।

युवाओं को अवसर प्रदान करें और उन्हें बढ़ावा दें,
उनकी प्रतिभा को पहचानें और उन्हें समर्थन दें।
उनके सपनों को पूरा करने में मदद करें।

समाज एक विचार

समाज एक विचार पर,
मिलकर चलने का संकल्प लें।
एकता में ही शक्ति है,
समाज को आगे बढ़ाने की।

विचारों को सकारात्मक बनाएं,
समाज में प्रेम और स्नेह बढ़ाएं।
एक दूसरे का साथ दें,
समाज को मजबूत बनाएं।

समाज के लिए काम करें,
एकता और समरसता बढ़ाएं।
व्यक्तिगत स्वार्थ को भूल जाएं,
समाज के हित में काम करें।

समाज में शिक्षा और जागरूकता बढ़ाएं,
लोगों को अपने अधिकारों के बारे में बताएं।
समाज में सामाजिक न्याय बढ़ाएं,
गरीबों और वंचितों की मदद करें।

समाज एक परिवार है,
हम सभी इसके सदस्य हैं।
एक दूसरे का साथ दें,
समाज को मजबूत बनाएं।

समाज में प्रेम और स्नेह बढ़ाएं,
एकता और समरसता बढ़ाएं।
व्यक्तिगत स्वार्थ को भूल जाएं,
समाज के हित में काम करें।

समाज के लिए काम करें,
एकता और समरसता बढ़ाएं।
लोगों को अपने अधिकारों के बारे में बताएं,
समाज में सामाजिक न्याय बढ़ाएं।

समाज में शिक्षा और जागरूकता बढ़ाएं,
गरीबों और वंचितों की मदद करें।
समाज एक परिवार है,
हम सभी इसके सदस्य हैं।

एक दूसरे का साथ दें,
समाज को मजबूत बनाएं।
समाज में प्रेम और स्नेह बढ़ाएं,
एकता और समरसता बढ़ाएं।

समाज के लिए काम करें,
एकता और समरसता बढ़ाएं।
व्यक्तिगत स्वार्थ को भूल जाएं,
समाज के हित में काम करें।

समाज में शिक्षा और जागरूकता बढ़ाएं,
लोगों को अपने अधिकारों के बारे में बताएं।
समाज में सामाजिक न्याय बढ़ाएं,
गरीबों और वंचितों की मदद करें।

समाज एक परिवार है,
हम सभी इसके सदस्य हैं।
एक दूसरे का साथ दें,
समाज को मजबूत बनाएं।

समाज में प्रेम और स्नेह बढ़ाएं,
एकता और समरसता बढ़ाएं।
व्यक्तिगत स्वार्थ को भूल जाएं,
समाज के हित में काम करें।

समाज के लिए काम करें,
एकता और समरसता बढ़ाएं।
लोगों को अपने अधिकारों के बारे में बताएं,
समाज में सामाजिक न्याय बढ़ाएं।

समाज में शिक्षा और जागरूकता बढ़ाएं,
गरीबों और वंचितों की मदद करें।
समाज एक परिवार है,
हम सभी इसके सदस्य हैं।

एक दूसरे का साथ दें,
समाज को मजबूत बनाएं।
समाज में प्रेम और स्नेह बढ़ाएं,
एकता और समरसता बढ़ाएं।

समाज के लिए काम करें,
एकता और समरसता बढ़ाएं।
व्यक्तिगत स्वार्थ को भूल जाएं,
समाज के हित में काम करें।

समाज में शिक्षा और जागरूकता बढ़ाएं,
लोगों को अपने अधिकारों के बारे में बताएं।
समाज में सामाजिक न्याय बढ़ाएं,
गरीबों और वंचितों की मदद करें।
समाज एक परिवार है,
हम सभी इसके सदस

होली गीत

होली आयी रे, होली आयी
रंगों की बौछार, खुशियों की मायी
ढोलक बजाओ, नाचो गाओ
होली की शुभकामनाएं, सबको दो
रंगों के त्योहार, होली के गीत
आओ मिलकर मनाएं, होली की रात
पिचकारी लेकर, रंगों की बौछार
होली की खुशियों, सबको बांटो
होली की शुभकामनाएं, सबको दो

होली आयी रे, होली आयी
रंगों की बौछार, खुशियों की मायी
पटेलिया गीत, होली के गीत
आओ मिलकर मनाएं, होली की रात
ढोलक बजाओ, नाचो गाओ
होली की शुभकामनाएं, सबको दो
रंगों के त्योहार, होली के गीत
आओ मिलकर मनाएं, होली की रात
पिचकारी लेकर, रंगों की बौछार

होली की शुभकामनाएं, सबको दो
होली आयी रे, होली आयी
पटेलिया गीत, होली के गीत
आओ मिलकर मनाएं, होली की रात
ढोलक बजाओ, नाचो गाओ
होली की शुभकामनाएं, सबको दो
रंगों के त्योहार, होली के गीत
आओ मिलकर मनाएं, होली की रात
पिचकारी लेकर, रंगों की बौछार

होली आयी रे, होली आयी
रंगों की बौछार, खुशियों की मायी
पटेलिया गीत, होली के गीत
आओ मिलकर मनाएं, होली की रात
ढोलक बजाओ, नाचो गाओ
होली की शुभकामनाएं, सबको दो
रंगों के त्योहार, होली के गीत
आओ मिलकर मनाएं, होली की रात
पिचकारी लेकर, रंगों की बौछार

होली की शुभकामनाएं, सबको दो
होली आयी रे, होली आयी
पटेलिया गीत, होली के गीत
आओ मिलकर मनाएं, होली की रात
ढोलक बजाओ, नाचो गाओ
होली की शुभकामनाएं, सबको दो
रंगों के त्योहार, होली के गीत
आओ मिलकर मनाएं, होली की रात
पिचकारी लेकर, रंगों की बौछार

होली आयी रे, होली आयी
रंगों की बौछार, खुशियों की मायी
पटेलिया गीत, होली के गीत
आओ मिलकर मनाएं, होली की रात
ढोलक बजाओ, नाचो गाओ
होली की शुभकामनाएं, सबको दो
रंगों के त्योहार, होली के गीत
आओ मिलकर मनाएं, होली की रात
पिचकारी लेकर, रंगों की बौछार

टूटते हुए परिवार-बेघर स्त्रियां

टूटते हुए परिवार की कहानी बहुत दर्दनाक है,
बेघर स्त्रियों की जिंदगी बहुत मुश्किल है।
वह अपने परिवार से दूर हो जाती है,
और अपने बच्चों को अकेला छोड़ जाती है।
उसकी जिंदगी में दर्द और पीड़ा होती है।

बेघर स्त्रियों की जिंदगी बहुत संघर्षपूर्ण है,
वह अपने परिवार के लिए संघर्ष करती है।
लेकिन उसके संघर्ष को कोई नहीं समझता,
और वह अकेली ही अपने दर्द को सहती है।
उसकी जिंदगी में दर्द और पीड़ा होती है।

टूटते हुए परिवार की समस्या बहुत गंभीर है,
बेघर स्त्रियों की जिंदगी बहुत मुश्किल है।
वह अपने परिवार से दूर हो जाती है,
और अपने बच्चों को अकेला छोड़ जाती है।
उसकी जिंदगी में दर्द और पीड़ा होती है।

बेघर स्त्रियों की जिंदगी बहुत संघर्षपूर्ण है,
वह अपने परिवार के लिए संघर्ष करती है।
लेकिन उसके संघर्ष को कोई नहीं समझता,
और वह अकेली ही अपने दर्द को सहती है।
उसकी जिंदगी में दर्द और पीड़ा होती है।

टूटते हुए परिवार की समस्या को हमें समझना होगा,
बेघर स्त्रियों की जिंदगी को हमें समझना होगा।
वह अपने परिवार से दूर हो जाती है,
और अपने बच्चों को अकेला छोड़ जाती है।
उसकी जिंदगी में दर्द और पीड़ा होती है।

पलाश के फूल प्राकृतिक सौंदर्य

पलाश के फूल खिले हैं,
लाल और नारंगी रंग में।
वह अपनी सुंदरता से,
हमें आकर्षित करते हैं।
उनकी खुशबू से हमें,
एक अनोखा आनंद मिलता है।

पलाश के फूल की सुंदरता,
हमें प्रकृति की ओर ले जाती है।
वह हमें प्रकृति की सुंदरता,
और उसकी शक्ति का एहसास कराते हैं।
उनकी खुशबू से हमें,
एक अनोखा आनंद मिलता है।
पलाश के फूल हमें,
जीवन की सुंदरता का एहसास कराते हैं।

पलाश के फूल की सुंदरता,
हमें प्रकृति की ओर ले जाती है।
वह हमें प्रकृति की सुंदरता,
और उसकी शक्ति का एहसास कराते हैं।
उनकी खुशबू से हमें,
एक अनोखा आनंद मिलता है।
पलाश के फूल हमें,
जीवन की सुंदरता का एहसास कराते हैं।

पलाश के फूल खिले हैं,
लाल और नारंगी रंग में।
वह अपनी सुंदरता से,
हमें आकर्षित करते हैं।
उनकी खुशबू से हमें,
एक अनोखा आनंद मिलता है।
पलाश के फूल हमें,
जीवन की सुंदरता का एहसास कराते हैं।

पलाश के फूल की सुंदरता,
हमें प्रकृति की ओर ले जाती है।
वह हमें प्रकृति की सुंदरता,
और उसकी शक्ति का एहसास कराते हैं।
उनकी खुशबू से हमें,
एक अनोखा आनंद मिलता है।
पलाश के फूल हमें,
जीवन की सुंदरता का एहसास कराते हैं।

बीएल भूरा भाबरा

जिला अलीराजपुर मध्यप्रदेश

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