परमपिता ब्रह्मदेव | Brahma ji par kavita

परमपिता ब्रह्मदेव ( Param Pita Brahma Dev )    सनातन धर्म के अनुसार आप है सृजन के देव, तीनों प्रमुख देवताओं में आप एक है ब्रह्मदेव। वेदव्यास द्वारा लिखें...

विश्व बाल दिवस | Vishwa bal diwas par kavita

विश्व बाल दिवस ( Vishwa bal diwas )    आज विश्व बाल दिवस है बच्चे बेच रहे सामान है दिल में बड़ी कसक है कहीं लगे हैं मजदूरी में कहीं लगे...

रिश्ते | Rishtey par kavita

रिश्ते ( Rishtey )    खामोशियों से रुकसत हो जाते हैं हर रिश्ते, अगर चुपचाप रहोगे गूंगे हो जाते है हर रिश्ते। कभी कभी बेमतलब ही बात कर लिया...

वो माँ तो आखिर मां होती | Poem on maa in...

वो माँ तो आखिर मां होती ( Wo maa to akhir maa hoti )      तुम्हारे जैसा कोई नहीं है मैय्या इस सारे-ब्रह्माण्ड में, मौत से लड़कर जन्म...

भाग्य | Poem on bhagya

भाग्य ( Bhagya )   भाग्य निखर जाये हमारा जब तकदीरे मुस्काती। ग्रह आकर साथ देते, खुशियों की घड़ी आती। सेवा स्नेह संस्कार हृदय में विनय भाव पलता है। सद्भावो...

मृत्यु का भोज | Mrityu bhoj par kavita

मृत्यु का भोज ( Mrityu ka bhoj )    मानों बात आज नव युवक लोग, बन्द कर दो यह मृत्यु का भोज। चला रहें है इसको ये पुराने लोग, आज...

राम दूत हनुमान | Hanuman ji kavita

राम दूत हनुमान ( Ram doot hanuman )    शंकर भोलेनाथ के आप ग्यारवें रूद्र अवतार, मंगलवार व शनिवार ये दोनों है आपके वार। जो नर-नारी श्रृद्धा से यह...

कमल पुष्प पल्लवित हो | Pyar bhari kavita in Hindi

कमल पुष्प पल्लवित हो ( Kamal pushp pallavit ho )    मंद पवन का सरगम हो जल की सतह स्थिर हो खामोशी का आलम हो जल के अंदर हलचल हो पंछियों...

श्री राम सिया विवाह | Sita ram vivah par kavita

श्री राम सिया विवाह ( Shree ram siya vivah )   सम्पूर्ण रामचरित मानस का पाठ करें, श्री रामसिया विवाह का गुणगान करें। यह पारिवारिक जीवन सुखमय बनाएं, भगवान राम...

अब रहते नहीं परिन्दे | Poem on parindey

अब रहते नहीं परिन्दे ( Ab rahte nahi parindey )    क्यों ख़त्म कर रहे हो मेरे खुशबुओं का डेरा, अब रहते नहीं परिन्दे, उनका नहीं बसेरा। सब कुछ...