बारिश | Hindi Poem Baarish

बारिश ( Baarish ) बारिश जब जब आती है, खुशियां लेकर आती है। धरती मां की प्यास बुझाती, किसान के मन में खुशियां लाती। मोर पपीहा कोयल गाये, सब जीवों...

बुलन्दी साहित्य संस्था द्वारा उत्तराखंड संस्कृति महोत्सव एवं कवि सम्मेलन आयोजित

गोपेश्वर(चमोली, उत्तराखंड)- बुलंदी साहित्यिक सेवा समिति पंजीकृत अंतरराष्ट्रीय स्तर के राष्ट्रीय न्यूज मीडिया प्रभारी गुरुदीन वर्मा के अनुसार बुलंदी संस्था द्वारा अटल उत्कृष्ट रा....

सोलह श्रृंगार | Kavita Solah Shringar

सोलह श्रृंगार ( Solah Shringar ) मैं तो सुहाग सिंदूर मांग सजाऊँ, मैं तो कंगन ,चूड़ी खन - खन खनकाऊँ, मैं तो पायलियाँ छन - छन छनकाऊँ...

ननिहाल | Kavita Nanihal

ननिहाल ( Nanihal ) नानी का घर ननिहाल, छुट्टियों में मौज मनाते हैं। मां के संग में कई दिनों, हम ननिहाल हो आते हैं। मामा मामी मौसी मौसी, लाड दुलार...

डॉ. वनीता की मूल पंजाबी सात कविताएँ | अनुवादक: डॉ. जसप्रीत...

डॉ. वनीता की मूल पंजाबी सात कविताएँ अनुवादक: डॉ. जसप्रीत कौर फ़लक साहित्य शिरोमणि पुरस्कार विजेता डॉ. वनीता पंजाबी भाषा की सशक्त हस्ताक्षर हैं। उनकी हृदय-स्पर्शी...

मत बन तू अज्ञान | Kavita Mat Ban tu Agyaan

मत बन तू अज्ञान ( Mat Ban tu Agyaan )   बिन फेरे अजनबियों से तुम करते हो यह सवाल, मत भूलो गरिमा-व्यवहार करों थोड़ा सा ख़्याल। आधी...

दो पहलू वाला | Kavita Do Pahlu Wala

दो पहलू वाला ( Do Pahlu Wala ) मैं हूं उजाला काला दो पहलू वाला बिन आनन कानन वाला l मैं सीधा सदा भोला भाला l अजब गजब...

वो गांव बहुत याद आता है

वो गांव बहुत याद आत है बीता बचपन गांव में वह गांव बहुत याद आता है l टेढ़ी ~मेढ़ी गलियां चुभ गये कांटे छाले पड़ गए पांव में वो गांव बहुत याद...

राम तेरा गुण गाउं | Ram Tera Gun Gaun

राम तेरा गुण गाउं ( Ram Tera Gun Gaun )   निरखी प्रभु जब मूरत तेरी हलचल सी मची जिया में मेरे हुई प्रफुल्लित मन की बगिया रोम रोम में समाये राजा राम...

जल की महत्ता | Kavita Jal ki Mahtta

जल की महत्ता ( Jal ki Mahtta ) पशु पक्षी पेंड़ और मानव, जितने प्राणी हैं थल पर, जल ही है सबका जीवन, सब आश्रित हैं जल पर, जल...