इतिहास | Kavita Itihas

इतिहास ( Itihas )   उड़ती हैं नोट की गड्डियाँ भी दरख़्त के सूखे पत्तियों की तरह होती है नुमाइश दौलत की फ़लक पे चमकते सितारों की तरह बेचकर इमां...

अब बेटियांँ भी कंधे देने लगी है सच मानो

अब बेटियांँ भी कंधे देने लगी है सच मानो   अब बेटियांँ भी कंधे देने लगी है सच मानो बेटे नहीं हैं तो क्या बेटी को ही...

सफर का अकेलापन | Kavita Safar ka Akelapan

सफर का अकेलापन ( Safar ka Akelapan )   भीड़ में भी अकेला हूं अकेले में भी भीड़ बहुत है इसे कहूँ बाजार, या तन्हाई या कहूँ अकेलापन! कोई पढ़...

निर्झर | Kavita Nirjhar

निर्झर ( Nirjhar )   काश........तेरी तरह ही मैं भी बन जाऊँ माँ, निर्झर की मानिंद कल-कल बहती जाऊँ माँ, तेरी ही तरह दामन में समेट लूँ ये...

मतदान का अधिकार | Kavita Matdan ka Adhikar

मतदान का अधिकार ( Matdan ka Adhikar )   लोकतंत्र देश हमारा। है संविधान सर्वोपरि देश का। देकर मतदान अधिकार, मान बढ़ाया जनशक्ति का।। जो बालिग हो वह, देकर अपना...

मत प्रणय अनंत | Kavita Mat Pranay Anant

मत प्रणय अनंत ( Mat Pranay Anant )   मत प्रणय अनंत, ई वी एम को निहार कर लोकतंत्र नव यौवन अंगड़ाई, मतदाता उर भाव नवल । उत्सविक प्रभा...

निवेदन | Kavita Nivedan

निवेदन ( Nivedan ) निवेदन है धरा से मत हो वीराना , अरदास है ईश से भूलें न कृपाना, आह्वान है आकाश सै रंग नीलिमा न बदलना, गुजारिश है बादलों से वर्षा अमृत न भूलना, आरजू है आदमी से आदिमकाल न जाना।शेखर कुमार श्रीवास्तव दरभंगा(...

सबको मतदान करना पड़ेगा | Purnika Sabko Matdan Karna Padega

सबको मतदान करना पड़ेगा   बात मानो हमारी सारी जनता। वोट डालने तो जाना पड़ेगा।। ये जो अधिकार सबको मिला है। यही कर्तव्य निभाना पड़ेगा।। चाहे लाखों हों काम वोट...

तमाशा | Kavita Tamasha

तमाशा ( Tamasha )   कौन कहता है आईने झूठ नहीं बोलते वे चेहरे के पीछे की परतों को कहाँ खोलते हैं दिये गये सम्मान में भी दिली सम्मान कहाँ...

मां- पिता | Kavita Maa Pita

मां- पिता  ( Maa Pita )   मां जान है तो , पिता आत्मा है, आत्मा जब रोती है तो , जान निकल जाती है। जीने के लिए , मानव को चाहिए...