कहानियां

  • सवाल-जवाब

    पिंकी दसवीं कक्षा में पढ़ती है। पिंकी की अर्धवार्षिक परीक्षाएं चल रही हैं। पिंकी जैसे ही एग्जाम देकर घर लौटी, उसके दादाजी ने पिंकी से प्रश्नपत्र को लेकर सवाल-जवाब शुरू कर दिए- “पिंकी बेटा, एग्जाम कैसा हुआ?” “बहुत अच्छा हुआ, दादाजी।” “किस सब्जेक्ट का था पेपर?” “दादाजी साइंस का था।” “अपना पेपर दिखाना, पिंकी बेटा।…

  • “वर्तमान पर निर्भर है भविष्य”

    “अभी तेरे बारे में ही बात चल रही थी। 42 साल की उम्र में भी हम चारों में सबसे बेहतर स्वास्थ्य तेरा है, तेरा पेट भी अंदर है। कोई अंदाजा भी नहीं लगा सकेगा कि तेरी उम्र 41 वर्ष हो चुकी है। सब लोग ज्यादा से ज्यादा तुझे 30 वर्ष का ही बोलेंगे। इतना फिट…

  • स्टील का डब्बा

    चिलचिलाती ज्येष्ठ की दुपहरी हो या सावन की घनघोर बारिश हो सरला अपने बेटे आलेख की स्कूल बस के इन्तेजार में समय से पहले बस स्टॉप पे आकर खड़ी हो जाती थी. पल्लु से पसीना पोछती या फिर बारिश की बूंदे हटाते हुए वो बार बार सड़क में दूर तक निगाह दौड़ाती। बस स्टॉप से…

  • एक ही रास्ता

    शाम को छत पर अकेली घूम रही नई नवेली दुल्हन पूनम को देखकर पड़ोस में रहने वाली शीला बोली- “बेटा छत पर अकेले-अकेले कैसे घूम रही हो? सब ठीक तो है? तुम्हारा पति सचिन कहाँ है?” “नमस्ते आंटी जी। वे बाजार से कुछ सामान लेने गए हुए हैं। घर में पड़े-पड़े काफी दिन हो गए…

  • बहू

    “संध्या बेटा, मैं पड़ोस में अमित की बहू देखने जा रही हूँ। घर का दरवाजा याद से बंद कर लेना।” कपड़ों पर प्रेस कर रही संध्या से उसकी सास ने आवाज देकर कहा। “ठीक है मां जी। अभी आई।” संध्या बोली। कानों में अम्मा के जाने की आवाज पड़ते ही 4 वर्षीय विभोर बोल उठा-…

  • मन के हारे हार हैं, मन के जीते जीत

    ( बाल कहानी ) मुकुल भैया, आयुष से 6 वर्ष बड़े थे। आयुष दसवीं कक्षा में पढ़ता था और वे M. A. कर रहे थे। वे बहुत घमंडी थे। उनको अपनी पढ़ाई पर बहुत घमंड था। वह अपने आगे किसी को कुछ नहीं समझते थे। सभी को नीचा दिखाने की कोशिश करते थे। वह बच्चों…

  • मार्क्स की दौड़

    अभिभावक शिक्षक बैठक(PTM) में बच्चों की परीक्षा की कॉपियां दिखाई जा रही थी। आराध्या भी अपने पिता के साथ PTM में आई हुई थी। आराध्या कक्षा 4 में पढ़ती है। वह पढ़ाई में काफी अच्छी है, लेकिन एग्जाम में पता नहीं उसको क्या हो जाता है? वह काफी गलतियां कर देती है जिस कारण उसके…

  • पिता की सीख

    भोला के बेटे ने अपने पिता से पूछा, “पिताजी, मैंने सुना था कि पहले आप बहुत गरीब थे, मजदूरी करते थे। फिर आप इतने अमीर कैसे हो गए?” भोला ने अपने बेटे की जिज्ञासा को शांत करने हेतु अपनी कहानी शुरू करते हुए कहा- “बेटा, मैं एक छोटे से गाँव में रहता था। मेरे पास…

  • उपहार

    “मैं चाहता हूँ कि तुम मुझे अपने प्रेम की कोई निशानी दो। मुझे तुमसे एक शर्ट चाहिए।” लव बोला “बिल्कुल दूँगी। मैं भी काफी दिनों से तुम्हें कुछ उपहार देने की सोच रही थी। तुम्हें पता भी नहीं है, मैंने दो दिन पहले ही तुम्हारे लिए एक उपहार ले लिया है लेकिन आज लाना भूल…

  • सफलता का राज

    कपिल एक फल विक्रेता था, जो अपने ठेले पर तरह-तरह के सुंदर और मीठे फल बेचता था। वह अपने ग्राहकों के साथ बहुत अच्छा व्यवहार करता था और हमेशा मुस्कुराते हुए फल बेचता था। कपिल के ठेले पर सिर्फ ताजा फल होते थे, और वह सड़े-गले फलों को अलग रख देता था। एक दिन, पड़ोसी…