ग़ज़ल

  • उनकी चाहत में | Unki Chahat Mein

    उनकी चाहत में ( Unki Chahat Mein ) इश्क़ में जब से वो कबीर हुएउनकी चाहत में हम सग़ीर हुए कोई तुम सा नहीं है जाने जाँइश्क़ में तुम तो यूँ नज़ीर हुए उठ के ताज़ीम अब वो करते हैंजिनकी नज़रों में हम हक़ीर हुए तिश्नगी मेरी बुझ न पाई कभीचाहे कितने ही आब गीर…

  • अब तो पत्थर का हो चुका हूं मैं

    अब तो पत्थर का हो चुका हूं मैं अपने हिस्से का रो चुका हूं मैं,अब तो पत्थर का हो चुका हूं मैं । बन गयी है लकीर गालों पर,इतनी पलकें भिगो चुका हूं मैं। देर से बात ये समझ आयी,तुमको पहले ही खो चुका हूं मैं। दम यक़ीनन निकल ही जायेगादिल में नश्तर चुभो चुका…

  • मुझे ये बात | Mujhe ye Baat

    मुझे ये बात ( Mujhe ye Baat ) मुझे ये बात लोगों ने कही हैगलत है तू मगर फिर भी सही है नयी है और मज़बूत भी परन जाने क्यों इमारत ढह रही है बिना तारीख़ वाली ज़िन्दगी कीकठिन मौखिक परीक्षा आज ही है कुशल तैराक बनकर आज यारोंग़ज़ल शब्दों के सागर में बही है…

  • तूफान उठाया है

    तूफान उठाया है इस दिल के समुंदर में तूफान उठाया हैमासूम निगाहों ने जब तीर चलाया है वो दिल के दरीचों से नज़दीक लगा इतनाइक पल में उसे हमने हमराज़ बनाया है ताउम्र रहे रौशन दहलीज़ तेरे घर कीयह दीप मुहब्बत का यूँ हमने जलाया है तुमने जो किया दिल को उम्मीद से वाबस्ताइक ताजमहल…

  • यूं ही रखना सदा ख़याल अपना।

    यूं ही रखना सदा ख़याल अपना। दूर जाकर भी ख़ुश जमाल अपना।यूं ही रखना सदा ख़याल अपना। जो भी है आपका ही है वल्लाह।हम को कुछ भी नहीं मलाल अपना। कुछ तो बतलाओ ऐ तबीब-ए-दिल।ह़ाल कैसे हो अब बह़ाल अपना। कौन देखेगा माहो-अन्जुम को।छत पे आ जाए गर हिलाल अपना। ह़ालत-ए-ह़ाल भूल जाओगे।हम दिखा दें…

  • बड़ी उम्मीद से माँ ने हमारी पाला है

    बड़ी उम्मीद से माँ ने हमारी पाला है बड़ी उम्मीद से माँ ने हमारी पाला हैखिलाया उसने बड़े प्यार से निवाला है झुकाया शीश है हमने उसी के चरणों मेंहमारे वास्ते अब भी वही शिवाला है जहाँ जहाँ भी बिखरने की आई थी नौबतदुआ ने माँ की हमेशा मुझे सँभाला है किसी के हुस्नो-तबस्सुम का…

  • क्यूं है | Kyon Hai

    क्यूं है ( Kyon Hai ) जिस शख़्स से गिला है उससे ही प्यार क्यूं हैमुझको उसी बशर का अब इंतज़ार क्यूं है उसके बगैर सूनी लगती है दुनिया मुझकोहोता उसी से मेरा दिल खुशगवार क्यूं है जिसने कभी तो कोई वादा नहीं निभायानादान दिल को उस पर फिर ऐतबार क्यूं है खोयी रहूं सदा…

  • हर पहर तन्हा | Har Pahar Tanha

    हर पहर तन्हा ( Har Pahar Tanha ) उनकी फ़ुर्क़त में हर पहर तन्हा।दिल ये रोता है किस क़दर तन्हा। एक दूजे की राह तकते हैं।हम इधर और वो उधर तन्हा। उनकी अदना सी एक चाहत पर।ज़ीस्त कर दी गयी बसर तन्हा। हम भी कमरे में क़ैद रहते हैं।वो भी करते हैं अब गुज़र तन्हा।…

  • न आज़माओ तुम | Na Aazamao Tum

    न आज़माओ तुम ( Na Aazamao Tum ) बज़्म को अब न आज़माओ तुमशेरों में कुछ नया सुनाओ तुम बिन तेरे हम न जी सकेंगे अबदूर नज़रों से यूँ न जाओ तुम वो भी बेटी किसी के है घर कीअब न दुल्हन कोई जलाओ तुम अम्न का दीप है जलाया जबये अदावत भी अब मिटाओ…

  • सुराही जाम टकराने लगे हैं

    सुराही जाम टकराने लगे हैं नज़र मंज़र ये क्या आने लगे हैंचमन में फूल मुरझाने लगे हैं सियासत चल रही है ख़ूब उनकीजो ख़ाबों से ही बहलाने लगे हैं वज़ीरों की सियासत देखियेगाबदलकर केचुली आने लगे हैं बनाकर गीदड़ों ने फौज अपनीवो शेरों पर ही गुर्राने लगे हैं भिखारी बन के जो आये थे कल…