मुक्तक

  • घुंघट | Muktak in Hindi

    घुंघट ( Ghoonghat )    शर्म दर्शाता नारी घूंघट सुंदरता का आवरण बुजुर्गों के सम्मान की छवि मर्यादा का चरण सनातन संस्कृति में रिवाज मुगलकाल पनपा उग्र शासक भय से कुरीतियों का किया वरण   पद्मिनी का जौहर साक्षी आन बान शान का घूंघट बन गया था प्रतीक नारी के सम्मान का आलोकित हो उजियारा…

  • मुक्तक मां | Muktak Maa

    मुक्तक मां ( Muktak Maa)   मां की तरफ़ से सुन लो ये पैगाम आया है उसी पैग़ाम पर यारों हमारा नाम आया है, लिखूंगा मैं वतन ख़ातिर वतन पर जान दे दूंगा, वतन के ही हिफ़ाजत का मुझे ये काम आया है।   झूठ का मै दम दिखाना चाहता हूं, सबके दिल का गम…

  • मुक्तक : कल एक फूल इसी घुटन में मर गया

     कल एक फूल इसी घुटन में मर गया ( Kal ek phool isi ghutan mein mar gaya )   कल इक फूल इसी घुटन में मर गया, कि उसका भँवरा उससे रूठ गया, वो मरकर यही शिकायत करता रहा.. कि मेरा मुकद्दर ही मुझसे रूठ गया ।   सम्मुख शिकायत करूं तो हिदायत है, पीठ…

  • चांद | Chand par muktak

    चांद मुक्तक  ( Chand Muktak )   चांद तारे बिछा देंगे हम राह में कुछ नया कर दिखा देंगे चाह में आओ मिलों हमसे मुस्कुरा कर गगन छू लेंगे हम आपकी पनाह में   बस जाओ मेरे दिल में, चमका दो किस्मत का तारा। महका दो जीवन की बगिया, खिला दो पुष्प ये प्यारा।  …

  • Muktak | मुक्तक

    मुक्तक ( Muktak )   निर्भय  रहकर  जो  जीवन जीता है धीरज धरकर जो गमों के घूंट पीता है कर्म  प्रधान है इस चराचर जगत में आत्मा  अजर  अमर  कहती गीता है   वक्त और हालात जिंदगी जीना सिखाते हैं कौन  अपना  कौन  पराया  सब बताते हैं संघर्षों से ही फौलाद बनते हैं इरादे मन…

  • कुमार के मुक्तक | Kumar ke muktak

    कुमार के मुक्तक ( Kumar ke muktak )  १ बहते   हुए  जल   पे  कभी  काई नहीं आती, बिना  उबले   दूध  पर   मलाई   नहीं  आती। थोङी  बहुत  शायरी  तो  सभी  कर  लेते  हैं, “कुमार”दर्द से गुजरे बिन गहराई नहीं आती। २ कौन कहता है कि दुःख में, कोई अपना नहीं होता। सितारे होते है कुछ लोग…