Category: शेरो-शायरी
गमों की मगर वो दवा चाहिये | Shayari gam ki
गमों की मगर वो दवा चाहिये ( Gamon ki magar wo dawa chahiye ) गमों की मगर वो दवा चाहिये यहां कोई ऐसा दुआ चाहिये बहुत सह लिये ज़ीस्त में ग़म मगर ख़ुशी ज़ीस्त में अब ख़ुदा चाहिये मिली है मुझे राह में जो कल थी ख़ुदा वो हंसी अब सदा…
ऐ वतन | Ghazal ae watan
ऐ वतन ( Ae watan ) ऐ वतन ऐ वतन ऐ वतन रोज हम तो करेगे नमन हम लड़ेगे वतन के लिए हाँ रहे ख़ुश सदा ये वतन शबनमी हो न नफ़रत भरी प्यार के गुल से महके चमन देश पर आंच आने न दो है सभी से मेरा ये कहन…
आ रहा है एक चेहरा ख़्वाब में | Ghazal ek chehra khwab mein
आ रहा है एक चेहरा ख़्वाब में ( Aa raha hai ek chehra khwab mein ) आ रहा है एक चेहरा ख़्वाब में चैन लूटे वो हमारा ख़्वाब में वो हक़ीक़त में कभी मिलता नहीं होता है दीदार उसका ख़्वाब में हम सफ़र मेरा बना दे उम्रभर जो खुदा चेहरा दिखाया…
आरजू जीने के सभी खुशियाँ | Aazam ghazal aarzoo
आरजू जीने के सभी खुशियाँ ( Aarzoo jeene ke sabhi khushiyan ) आरजू जीने के सभी खुशियाँ मांगती रब से ज़िंदगी खुशियाँ इसलिये रहती यहां उदासी है ज़िंदगी में कब है मिली खुशियाँ ख़त्म होता नहीं रस्ता ग़म का दूर मुझसे इतनी रही खुशियाँ आरजू कब न जाने पूरी हो…
यूक्रेन पर एक ग़ज़ल | Ukraine par ek ghazal
यूक्रेन पर एक ग़ज़ल ( Ukraine par ek ghazal ) पड़ोसी मुल्क दुश्मन वो बना था ? वतन से बेवज़ह मेरे लड़ा था निकले है देखकर आंसू आंखों से यहाँ तो हर मकाँ देखो जला था गुलिस्तां ख़ाक ऐसी की अदू ने यहाँ गुल बद्दुआ देता रहा था लेने मासूमो…
अब कोई याद भी नहीं करता | Amit Ahad Poetry
अब कोई याद भी नहीं करता ( Ab koi yaad bhi nahi karta ) वक़्त बर्बाद भी नहीं करता अब कोई याद भी नहीं करता शे’र इतने बुरे हैं क्या मेरे ? कोई इरशाद भी नहीं करता रह न पाऊँ अगर जो ख़ुश मैं तो ख़ुद को नाशाद भी नहीं करता ख़ौफ़ सैय्याद का है…
नशा जुनून इश्क है तुमसे | Ghazal ishq hai tum se
नशा जुनून इश्क है तुमसे ( Nasha junoon ishq hai tumse ) नशा जनून इश्क है तुमसे, जो तू नही तो अब मेरा,यहाँ पे कुछ भी नही। तू ही चाहत है मोहब्बत, मेरे दिल की धडकन, तू ही सबरंग, कशमकश, तू ही है नूर ए नजर। वफा करार प्यार है तुमसे,…
किसी का जब मगर बेहतर किया है | Thesahitya Ghazal
किसी का जब मगर बेहतर किया है ( Kisi ka jab magar behtar kiya hai ) किसी का जब मगर बेहतर किया है जुबां को ही उसनें ख़ंजर किया है मुहब्बत की करेगा बात क्या अब दिल उसनें प्यार से बंजर किया है कभी मिलकर नहीं मुझसे रहा वो परेशां ही…
फूल खुशबू हुस्न चेहरा जाम है तू | Ghazal Phool khushboo
फूल खुशबू हुस्न चेहरा जाम है तू ( Phool khushboo husn chehra jaan hai tu ) फूल ख़ुशबू हुस्न चेहरा जाम है तू प्यार का मेरी सकूं आराम है तू बैठ मत नाराज़ होकर रोज़ मुझसे प्यार का मेरे सनम खा आम है तू किस तरह दे दूं वफ़ा दिल से…
प्यार से दिल बेसहारा हो गया | Ghazal dil besahara
प्यार से दिल बेसहारा हो गया ( Pyaar se dil besahara ho gaya ) प्यार से दिल बेसहारा हो गया कल यहां ऐसा इशारा हो गया हम भला अब किस तरह आवाज़ दे गैर दिल अब ये तुम्हारा हो गया पार अब होगी न दूरी हिज्र की ज़ीस्त भर उससे किनारा…