Category: शेरो-शायरी

  • वो कहता रकीब हूँ बहुत मैं | Raqeeb shayari

    वो कहता रकीब हूँ बहुत मैं! ( Wo kahta raqeeb hoon bahut main )     वो कहता  रकीब हूँ बहुत मैं! जिसका ही हबीब हूँ बहुत मैं   सामान खरीदूँ कैसे महंगा पैसों से ग़रीब हूँ बहुत मैं   सच बोल रहा हूँ मैं सभी से कहते सब अजीब हूँ बहुत मैं   कर…

  • हसरतें | Hasratein shayari

    हसरतें ( Hasratein )     हमारी  हसरतें भी थी  गुलों  के बीच  रहने  की, मगर  ताजिन्दगी  काँटों में ही उलझे रहे हरदम।   हम अपनी चाहतों के लाश को काधे पे ले करके, गुजारी  जिन्दगी  को  सामने  हँसते  रहे  हरदम।   जो भी मिला इस  जिन्दगी  में मुझसे आकर के, उसी से प्यार की…

  • तोड़ न उल्फ़त का रिश्ता तू | Ghazal

    तोड़ न उल्फ़त का रिश्ता तू ( Tod na ulfat ka rishta too )   तोड़ न उल्फ़त का रिश्ता तू ग़ैर न कर मुझसे चेहरा तू   और नहीं आंखों में सूरत ख्वाबों में है हर लम्हा तू   वरना चेहरे और यहां है रोज़ नहीं कर यूं शिकवा तू   वरना कह दूंगा…

  • मुझे उससे बहुत उल्फ़त हुई है | Ulfat shayari

    मुझे उससे बहुत उल्फ़त हुई है ( Mujhe usse bahut ulfat hui hai )     मुझे उससे बहुत उल्फ़त हुई है उसी की रोज़ अब हसरत हुई है   बहुत भेजे उसे गुल प्यार के थे न उसकी दूर वो नफ़रत हुई है   रहूँ कैसे बिना उसके बताओ उसी की मुझको अब आदत…

  • हर ख़ुशी से ग़रीब ए आज़म | Gareeb Shayari

    हर ख़ुशी से ग़रीब ए आज़म ( Har khushi se Garibe Aazam )     हर ख़ुशी से ग़रीब ए आज़म! बदलेगा कब नसीब ए आज़म   इसलिए शहर छोड़ आया हूँ थे यहां सब  रकीब ए आज़म   हाले दिल किसको सुनाऊं मैं की न कोई क़रीब ए आज़म   कैसे उसके ख़िलाफ़ बोलूं…

  • इश्क में तेरे | Ishq shayari

    इश्क में तेरे ( Ishq Mein Tere )     हम क्या थे  क्या हुये इश्क में तेरे दिल्लगी हुई दिल की लगी इश्क में तेरे   लफ्ज जो तू बोले, अल्फाज़ बने मेरे हम हुये सुखनवर इश्क में तेरे   मैं जो भी लिखूँ नाम करूँ तेरे कागज़ कलम ने दिया साथ इश्क में…

  • छोड़ दिया | Ghazal chhod diya

    छोड़ दिया ( Chhod diya )   धीरे धीरे ही मगर छोड़ दिया, तेरी आदत सी पड़ गयी थी मुझे। कब तलक बेजती को सहते हम, खुद से नफरत सी हो गयी थी मुझे। मैनें खुद को भूला दी तेरे लिए, फिर भी मै तुझसा बन ना पाया हूँ, कब तलक कशमकश में रहते हम,…

  • सांसों में खुशबू यार की | Ghazal

    सांसों में खुशबू यार की ( Saanson mein khushboo yar ki )   ऐसी है सांसों में ही ख़ुशबू यार की ! हो रही है बातें इसलिए प्यार की   यादों ने इस क़दर है सताया उसकी रातें मैंनें काटी है बहुत बेदार की   बीच सफ़र में मेरा साथ वो छोड़ गया देखली है…

  • तू सदा मुहब्बत से मुस्कुरा | Ghazal Muskura

    तू सदा मुहब्बत से मुस्कुरा ( Tu sada muhabbat se muskura )     तू सदा मुहब्बत से मुस्कुरा छोड़  दे  उदास  रहना सदा   यूं नहीं सता मिलेगे दुख ही देख  तू  ग़रीब  की  ले दुआ   नफ़रतें सभी दिल से छोड़ दे प्यार का हमेशा दे सिलसिला   जिंदगी बहुत ग़मों में जी…

  • हंसाने में रुलाने में | Ghazal hasane mein rulane mein

    हंसाने में रुलाने में ( Hasane mein rulane mein )     हंसाने में रुलाने में मेरे दिल को जलाने में तेरा ही हाथ है जालिम मेरी हस्ती मिटाने में   तलब थी थे मुझे कब से तेरे दिल में जगह लूंगा कहां आकर फंसा हूँ मैं तेरे इस क़ैदखाने में   कोई दौलत का…