Category: शेरो-शायरी

  • दिल में जिसके ही आरजू होती | Shayari on Aarzoo

    दिल में जिसके ही आरजू होती ( Dil me jiske hi aarzoo hoti )     दिल में जिसके ही आरजू होती काश उससे कुछ गुफ़्तगू होती   जब से टूटी है  दोस्ती तुझसे बातें तेरी मेरी  हर सू होती   जीस्त तन्हा नहीं गुजरती फ़िर जिंदगी में अगर जो तू होती   वो अगर…

  • Ghazal | हर कोई मगर दिल से अशराफ़ नहीं होता

    हर कोई मगर दिल से अशराफ़ नहीं होता ( Har koi magar dil se ashraf nahi hota )   हर कोई मगर दिल से अशराफ़ नहीं होता ए  यारों  कभी  सच का इंसाफ नहीं होता   तू  बात  जरा  करना  ए  यार  संभलके  ही देखो हर किसी का ही दिल साफ़ नहीं होता   तो …

  • Romantic Ghazal | साथ तेरा अग़र मिला होता

    साथ तेरा अग़र मिला होता ( Sath Tera Agar Mila Hota )   साथ  तेरा  अग़र  मिला  होता। अपना जीवन भी ये ज़ुदा होता।।   झेल पाते खुशी से हर इक ग़म। ज़ख्म दिल का नहीं हरा होता।।   कोई  मुश्किल ठहर नहीं पाती। फिर न तक़दीर से गिला होता।।   जिंदगानी हंसी- खुशी कटती।…

  • Sad Ghazal | दिल से ही रोज़ आहें निकलती रही

    दिल से ही रोज़ आहें निकलती रही ( Dil se hi roz aah nikalti rahi )   दिल से ही रोज़ आहें निकलती रही! जीस्त यादों में उसकी गुजरती रही   कब मिला है ठिकाना ख़ुशी का कोई जिंदगी  रोज़  ग़म  में भटकती रही   डूब रही है ये  बेरोजगारी में ही जिंदगी कब यहां…

  • Nazm | मिलन ऐसा भी

    मिलन ऐसा भी ( Milan Aisa Bhi )   विरह कीअग्नि में जलती इक प्रेयसी जैसे धरती यह भी निहारे है राह प्रियतम अपने की….   सांवरा सा सलोना सा गहराता सा मचलता सा शायद आ रहा होगा किसी इक कोने से नभ के इस ओर या उस छोर से…..   टकटकी लगाये बैठी कब…

  • जबसे नजरें मिला के रखा है | Nazre Shayari

    जबसे नजरें मिला के रखा है ( Jab se nazre mila ke rakha hai )   जबसे नजरें मिला के रखा है। हाल  कैसी  बना  के रखा है।। बहार  बनके  तुम  चले  आते, हमने गुलशन सजा के रखा है।। डूब जायेगा तेरा सारा ज़मीर इतने आंसू बहा के रखा है।। कोई  रकीब  ही  दुवा  कर …

  • Ghazal | दिल नहीं माना कभी कोई ग़ुलामी

    दिल नहीं माना कभी कोई ग़ुलामी ( Dil Nahi Mana Kabhi Koi Gulami )     दिल नहीं माना कभी कोई ग़ुलामी। देनी आती ही नहीं हमको सलामी।।   सीधे-सादे हम तो है उस रब के बंदे। राह सीधी जो चले सन्मार्ग-गामी।।   गलतियों से क्यूं डरे हम इस जहां में। कौन जिसमें है नहीं…

  • Ghazal | बने कातिल झुका ली है हया से ये नज़र जब से

    बने कातिल झुका ली है हया से ये नज़र जब से ( Bane katil jhuka li hai haya se ye nazar jab se )     बने  कातिल  झुका ली  है हया से ये नज़र जब से। नहीं कुछ होश बाकी है हुआ दिल पे असर तब से।।     नज़र हम से मिलाओ तो…

  • Ghazal | कहां मुश्किल अगर वो साथ में करतार आ जाए

    कहां मुश्किल अगर वो साथ में करतार आ जाए ( Kahan Mushkil Agar Wo Sath Mein Kartar Aa Jaye )   कहां मुश्किल अगर वो साथ में करतार आ जाए। लगे  कश्ती  किनारे  हाथ  ग़र पतवार आ जाए।।   निभाना होता है मुश्किल ये जीवन साथ में यारो। दिलों के बीच में जब भी कोई…

  • Romantic Ghazal | दिल हुआ आपका दिवाना है

    दिल हुआ आपका दिवाना है ( Dil Hua Aapka Deewana Hai )   दिल हुआ आपका दिवाना है। धड़कनों में तुझे बसाना है।। तेरे  दम  से  वजूद  है  मेरा। सांस लेना तो इक बहाना है।। कम नहीं झील से तेरी आंखें। डूब  के  ही  सुकून  पाना है।। भूल सकता नहीं नशा हरगिज़। जो  तेरा  आँख…