छोड़ो ना | Chhodo Na

छोड़ो ना

( Chhodo na )

 

साल नया तो झगड़ा अपना यार पुराना छोड़ो ना
मिलना जुलना अच्छा है तुम बात बनाना छोड़ो ना।

भूल गए जो रूठ गए जो नज़रें फेरे बैठे हैं
यादों में घुट घुट कर उनकी अश्क़ बहाना छोड़ो ना।

दरिया, सहरा, सागर ,बादल ,कैद किया सब जुल्फ़ों में
औरों की ख़ातिर कम से कम एक दिवाना छोड़ो ना।

लाख़ अलिफ़ लैला के किस्से सुनते आए बरसों से
आज कहानी सच्ची हो इस बार फ़साना छोड़ो ना।

सबको है मालूम कहां पर सांस तुम्हारी अटकी है
शाम सवेरे इन गलियों में गश्त लगाना छोड़ो ना।

छोड़ो रंजिश और हसद तुम फ़िक्र तकल्लुफ को छोड़ो
सबके ऐब गिना अपना मेयार गिराना छोड़ो ना।

वक्त, ख़ुदा, ग़म ,मर्ज़ ,बुढ़ापा इश्क़ झुका ही देता है
हर ऐरे ग़ैरे के दर सर यार झुकाना छोड़ो ना

 

सीमा पाण्डेय ‘नयन’
देवरिया  ( उत्तर प्रदेश )

यह भी पढ़ें :-

नये इस साल में | Naye is Saal Mein

Similar Posts

  • दिल लगा मत दिल्लगी में

    दिल लगा मत दिल्लगी में है सुकूँ बस दोस्ती में ! चैन उजड़े दुश्मनी में ए ख़ुदा पैसे मुझे दे जी रहा हूँ मुफ़लिसी में कौन मिलता प्यार से है अब नहीं उल्फ़त किसी में दे ख़ुशी अब तो खुदाया ग़म भरे है जिंदगी में हिज्र बस आज़म मिलेगा दिल लगा मत दिल्लगी में शायर: आज़म…

  • खामोशी | Khamoshi Shayari

    खामोशी ( Khamoshi )    नहीं कुछ भी है कहने को तो ओढ़ी आज खामोशी ज़रा सुनिए तड़पते दिल की है आवाज़ खामोशी। समंदर सी है गहरी जलजले कितने समेटे है छुपाए है हज़ारों ग़म हज़ारों राज़ खामोशी। नहीं लब से कहा उसने मगर सब कुछ बयां करती वो उसका हाले दिल बदले हुए अंदाज़…

  • तुम्हारे बाद | Tumhare Baad

    तुम्हारे बाद ( Tumhare Baad ) साँसें थमी हैं ख़त्म भी किस्सा तुम्हारे बादबिखरा है मेरा जिस्म सरापा तुम्हारे बाद कतरे से हो गए हैं समुंदर तवील सेख़ुद पे रहा न हमको भरोसा तुम्हारे बाद कैसे सुनाएं बज़्म में क़िस्सा-ए-इश्क़ हमशाइर बना है दिल ये हमारा तुम्हारे बाद मझधार में खड़े हैं मनाज़िर अजीब हैंकैसे…

  • अब के मौसम | Ab ke Mausam

    अब के मौसम ( Ab ke mausam ) अब  के  मौसम जो प्यार का आया तुम  पे  फिर दिल बहार का आया वक़्त   फिर  आर-पार  का  आया मसअला  जब   दिवार  का  आया मुब्तिला   थी   मैं  याद   में उसकी जब   इशारा   मुशार    का  आया पेशवाई    करो   जहां    की    तुम इज़्न    फिर   ताजदार  का  आया ये   सबा   कह   रही …

  • मर जायेगा | Ghazal Mar Jayega

    मर जायेगा ( Mar Jayega )   तू जो छोड़ेगा तो बेमौत ही मर जायेगा शाख से टूट के पत्ता ये किधर जायेगा। उसके वादे का क्या है वो तो करेगा लेकिन ऐन वो वक्त पे वादे से मुकर जायेगा। इन दिनों ही है खुली उसकी हकीक़त मुझ पे लग रहा अब वो मेरे दिल…

  • हिमायत में आ गये

    हिमायत में आ गये सारे अज़ीज़ उनकी हिमायत में आ गयेमजबूर होके हम भी सियासत में आ गये हाँलाकि ख़ौफ़ सबको सितमगर का था बहुतकुछ लोग फिर भी मेरी वकालत में आ गये इतने हसीन जाल बिछाये थे आपनेहम ख़ुद शिकार होके हिरासत में आ गये सोचा नहीं नशे में हुकूमत के आपनेअहबाब इतने कैसे…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *