फैला दें विश्व मे मानवता का अमर प्रेम एवं विश्व शान्ति के नारों को
फैला दें विश्व मे मानवता का अमर प्रेम एवं विश्व शान्ति के नारों को

°°° साम्प्रदायिकता °°°

है, अंधी विषकन्या

इसकी आँधी जब जहां चली,

छोड़ती गई विनाश,

गहरे दाग, मरघट सा सन्नाटा  !!

सम्प्रदायिकता

की खेती की जाती है !!

मंदिर , मस्जिद, गिरिजाघर एवं गुरुद्वारों में,

इसके लिए आवश्यकता होती है..

झूठे नारों एवं अफवाहों की !!

तभी तो इनका प्रयोग किया जाता है,

धर्म-भेद ,वर्ण-भेद , एवं वर्ग-भेद के कार्यों में !

साम्प्रदायिकता

 है सुगम प्रसारिणी,

 सभी आधुनिक संचार माध्यमों में !!

साम्प्रदायिकता

है अति संहारक

 सभी आधुनिक हथियारों में

जिसकी ज्वाला में जल रहे हैं,

भारत, इजरायल एवं अरब देश !!

आओ मिल कर तोड़ दें

धर्म-भेद , वर्ग-भेद  एवं

वर्ण- भेद की दीवरों को

फैला दें विश्व मे

मानवता का अमर प्रेम एवं

विश्व शान्ति के नारों को  ।

 

लेखक: आर.डी. यादव 

Ex ADCO ( co-operative UTTAR PRADESH )


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